
शरद पवार और देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में उठापटक का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के छह सांसदों के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद अब एक और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) महायुति सरकार में शामिल हो सकती है। इन चर्चाओं को उस समय और बल मिला, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक जयंत पाटिल तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद विनोद तावड़े के बीच मुंबई के एक होटल में मुलाकात हुई।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में यदि राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) महायुति में शामिल होती है तो सत्ता में उसकी भूमिका क्या होगी और उसे क्या जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, इस पर चर्चा हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक के बाद जयंत पाटिल ने पार्टी के एक वरिष्ठ नेता से भी इस विषय पर बातचीत की। हालांकि जयंत पाटिल ने विनोद तावड़े से मुलाकात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह केवल एक अनौपचारिक बैठक थी और इसमें किसी राजनीतिक समझौते पर चर्चा नहीं हुई।
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने इस बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें जयंत पाटिल और विनोद तावड़े की मुलाकात की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि विभिन्न संसदीय समितियों में अलग-अलग दलों के नेताओं की मुलाकात होना सामान्य बात है। सुले ने बताया कि पिछले एक महीने में उनकी खुद विनोद तावड़े से कई बार मुलाकात हुई है, जिनमें भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे हैं। लेकिन इन मुलाकातों को सियासी रंग देना सही नहीं है।
वहीं, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार ने महायुति में शामिल होने की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर ऐसी कोई चर्चा नहीं चल रही है और यह केवल राजनीतिक अटकलें हैं। रोहित पवार ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले छह दशकों से भाजपा की विचारधारा के खिलाफ लड़ती रही है। इसलिए महायुति में शामिल होने की खबरों में कोई तथ्य नहीं है।
Updated on:
07 Jul 2026 08:06 pm
Published on:
07 Jul 2026 07:31 pm
