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‘ऑपरेशन तुतारी’ की आहट! शरद गुट ने तेज की कांग्रेस से विलय की बात, NDA में जाने पर भी एक धड़ा राजी

Sharad Pawar NCP Merger: महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वरिष्ठ नेता शरद पवार अपनी पार्टी एनसीपी (एसपी) के भविष्य को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jul 02, 2026

Sharad Pawar congress NDA

शरद पवार और राहुल गांधी (Photo: IANS)

Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के सांसदों और विधायकों के पाला बदलने के बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) में ‘ऑपरेशन तुतारी’ को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार अपनी पार्टी के भविष्य को लेकर दो बड़े विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। पहला कांग्रेस में पार्टी का विलय और दूसरा, भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) में शामिल होना। इन खबरों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

‘ऑपरेशन तुतारी’ की बात खारिज करते हुए एनसीपी (एसपी) प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने कहा, "ऐसा कुछ होने वाला नहीं है। आज भी हमारे विधायक और सांसद बैठक में मौजूद हैं। शरद पवार साहब और सुप्रिया सुले भी बैठक में हैं। हम सभी एकजुट होकर काम करते हैं।"

शरद गुट में अंदरूनी खींचतान जारी

एनसीपी (एसपी) के पास फिलहाल 8 लोक सभा सांसद और 10 विधायक हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी के आठ सांसदों में से पांच सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के साथ जाने के इच्छुक हैं, जबकि बाकी सांसद भाजपा नीत एनडीए के साथ राजनीतिक तालमेल के पक्ष में बताए जा रहे हैं। वहीं पार्टी के 10 विधायकों में भी मतभेद हैं। कुछ विधायक कांग्रेस में विलय चाहते हैं, जबकि कुछ महायुति सरकार के साथ जाने के लिए तैयार हैं।

कांग्रेस में विलय के लिए शरद पवार ने रखी शर्तें?

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि 86 वर्षीय शरद पवार कांग्रेस में विलय के लिए कुछ शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले तथा अपने करीबी नेताओं को कांग्रेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने की मांग रखी है।

पवार चाहते हैं कि उनके गुट का एक नेता महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष बने, जबकि सुप्रिया सुले को प्रदेश कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया जाए। इसके अलावा कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) में भी उनके समर्थकों को जगह देने की मांग की गई है। माना जा रहा है कि ऐसा होने पर पार्टी में संभावित टूट को रोका जा सकता है और विपक्ष भी मजबूत होगा।

NDA में शामिल होने की भी चर्चा?

दूसरी ओर, पार्टी के एक वर्ग के भाजपा नीत एनडीए और महाराष्ट्र की महायुति सरकार में शामिल होने की इच्छा जताने की भी चर्चा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुप्रिया सुले के पारिवारिक रिश्तों के जरिए भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ पर्दे के पीछे से बातचीत चल रही है। दरअसल सुप्रिया सुले की बेटी की शादी भाजपा के राज्य सभा सांसद अरुण लखानी के बेटे से पिछले महीने हुई।  

बताया जा रहा है कि एनसीपी शरद पवार गुट एनडीए में शामिल होने के बदले सुप्रिया सुले के लिए केंद्रीय मंत्री का पद और शरद पवार के दो करीबी नेताओं के लिए मंत्री पद चाहती है। हालांकि इन दावों की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस ने क्या कहा?

इस पूरे घटनाक्रम पर महाराष्ट्र कांग्रेस का कहना है कि राज्य स्तर पर शरद गुट के कांग्रेस में विलय को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में जो भी फैसला होगा, वह कांग्रेस हाईकमान के निर्देशों के अनुसार लिया जाएगा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने ‘ऑपरेशन तुतारी’ को लेकर कहा, "मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। तुतारी या ऐसे किसी ऑपरेशन से कांग्रेस का कोई संबंध नहीं है। हमारा न तो कोई ऑपरेशन है और न ही ऐसी कोई योजना। जिस पार्टी का मामला है, वह अपनी पार्टी खुद संभाले। हर दल को अपने संगठन को संभालना चाहिए।"

वडेट्टीवार ने कहा, "बहुत लोग कांग्रेस में आने के लिए इच्छुक है उसमें हाईकमान से बात हुई है। मुझे लगता है जो सेक्युलर विचार के है फुले, शाहू, आंबेडकर की विचार के हैं, वो पक्का कांग्रेस में आएंगे उसका संवाद कांग्रेस हाई कमान से चल रहा है।“ कांग्रेस विधायक ने आगे कहा, "सत्ता से परे होकर उन्होंने अपने विचारों को पकड़कर काम किया और उनके साथ जो लोग हैं, वो भी उन्हीं विचारों से बने हैं और कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हैं। इसलिए उनका विलीनीकरण करना या उनको पार्टी में शामिल करना, इस पर हाई कमान उनसे चर्चा कर रही है और अच्छा रिजल्ट आएगा। एक बड़ी ताकत बनकर कांग्रेस पार्टी फिर से उभरेगी।"