
हमारा आंदोलन दबाने के लिए नासिक में फैलाई बादल फटने की अफवाह- हर्षवर्धन सपकाल (Photo: X/@INCHarshsapkal)
Nashik News: महाराष्ट्र के नासिक जिले में मूसलाधार बारिश के बीच मौसम विभाग ने आज रेड अलर्ट जारी किया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी त्र्यंबकेश्वर और नासिक में बादल फटने (Cloudburst) जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई थी। हालांकि, मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पालघर में बना मौसमी सिस्टम अब दिशा बदल चुका है। इसके चलते नासिक और त्र्यंबकेश्वर पर मंडरा रहा संभावित क्लाउडबर्स्ट का खतरा टलता नजर आ रहा है।
इसी बीच अयोध्या श्रीराम मंदिर में कथित दान और आभूषणों की लूट मामले को लेकर नासिक के प्रसिद्ध कालाराम मंदिर के बाहर कांग्रेस ने आज 'रघुपति राघव राजाराम' सत्याग्रह आंदोलन किया। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने भगवान राम के भजन गाकर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में 'चौकीदार चोर है’, ‘देश लूटा, अब राम का दान भी लूट रहे' जैसे नारे लिखे बैनर लेकर जोरदार नारेबाजी की।
आंदोलन के दौरान मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि देश का शासन पूरी पारदर्शिता के साथ चलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में अपने करीबी लोगों को बैठाकर अनियमितताएं की गईं। सोने-चांदी के आभूषणों के साथ नकदी की चोरी के मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सपकाल ने कहा कि इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने सत्याग्रह शुरू किया है और आने वाले दिनों में पूरे महाराष्ट्र में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) निष्पक्ष नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि चोरी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार आरोपियों के खिलाफ उसी तरह कार्रवाई करेगी, जैसी अन्य मामलों में बुलडोजर कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर दान प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा जनता के सामने पूरा हिसाब रखा जाना चाहिए।
हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के आंदोलन को कमजोर करने के लिए नासिक और त्र्यंबकेश्वर में क्लाउडबर्स्ट का माहौल बनाया गया। ऐसा कोई खतरा नहीं होने के बावजूद अफवाह फैलाया गया ताकि आंदोलन दबाया जा सके।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कई लोग भय के माहौल में हैं और सरकार सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच कराने से बच रही है। सपकाल ने कहा कि यदि सरकार पारदर्शी है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच जनता के सामने लाना चाहिए।
हालांकि, सीएम फडणवीस या भाजपा की ओर से कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Updated on:
7 Jul 2026, 3:57 PM IST
Published on:
7 Jul 2026, 3:50 PM IST
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