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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की बढ़ीं मुश्किलें, चुनावी जीत को लेकर मद्रास हाई कोर्ट ने भेजा नोटिस

Madras High Court Notice to CM Vijay: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और मंत्री आधव अर्जुना की 2026 विधानसभा चुनाव में मिली जीत को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। अदालत ने दोनों नेताओं और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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Tamil Nadu CM vijay Notice

सीएम विजय (Photo: IANS)

CM Joseph Vijay Tamil Nadu news: तमिलनाडु की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री और टीवीके (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय और मंत्री आधाव अर्जुना को मद्रास हाईकोर्ट ने 2026 विधानसभा चुनाव में उनकी जीत को चुनौती देने वाली चुनाव याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है। अदालत ने दोनों नेताओं के साथ ही निर्वाचन आयोग (ECI) से भी जवाब मांगा है।

जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन की पीठ ने पेरंबूर, तिरुचिरापल्ली पूर्व और विल्लीवक्कम विधानसभा सीटों से जुड़े चुनाव परिणामों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

सीएम विजय और मंत्री अर्जुना के खिलाफ 6 याचिकाएं

सीएम विजय के खिलाफ कुल चार चुनाव याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें से तीन याचिकाओं में पेरंबूर विधानसभा सीट से उनकी जीत को चुनौती दी गई हैं, जिन्हें एस दिनेश, डीएमके उम्मीदवार आरडी शेखर और टीएन लक्ष्मी नरसिंहन ने दाखिल किया है।

इसके अलावा तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा सीट से उनकी जीत के खिलाफ एस इनिगो इररुदयराज ने अलग याचिका दायर की है।

वहीं, मंत्री आधाव अर्जुना के खिलाफ विल्लीवक्कम विधानसभा सीट से उनकी जीत को चुनौती देते हुए आर शिवराज और कार्तिक मोहन ने दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की हैं।

याचिकाओं में क्या हैं आरोप?

याचिकाकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विजय पर चुनाव प्रचार के दौरान बच्चों का इस्तेमाल करने और चुनावी खर्च का पूरा विवरण छिपाने जैसे आरोप लगाए हैं।

याचिकाओं के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान बच्चों को सुनियोजित तरीके से राजनीतिक अभियान में शामिल किया गया। 21 अप्रैल 2026 को दिए गए एक भाषण का हवाला देते हुए कहा गया है कि विजय ने बच्चों को संबोधित करते हुए उनसे अपने माता-पिता और दादा-दादी से टीवीके के चुनाव चिन्ह 'सीटी' पर वोट डालने की जिद करने की अपील की थी।

ECI के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि यह आचरण भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 5 फरवरी 2024 को जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। इन निर्देशों में राजनीतिक दलों को चुनावी रैलियों, सभाओं, प्रचार सामग्री और अन्य चुनाव प्रचार गतिविधियों में बच्चों के इस्तेमाल पर स्पष्ट रोक लगाई गई है।

इसके अलावा दोनों नेताओं पर चुनावी खर्च का पूरा और सही विवरण नहीं देने का भी आरोप लगाया गया है। अब इन आरोपों की जांच हो सकती है।