
भिवंडी. अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रवेश के लिए भारी-भरकम डोनेशन और फीस की वजह से चाहत के बावजूद भी गरीब माता-पिता अपने बच्चों को इन स्कूलों में प्रवेश नहीं दिला पाते हैं। आरटीई (शिक्षा के अधिकार) के तहत अब यह संभव हो गया है। गरीब और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले बच्चों को भी अच्छे स्कूलों विशेषकर अंग्रेजी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देने के उद्देश्य से सरकार ने प्राथमिक स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा दिलाने के लिए विभिन्न स्कूलों में जूनियर, सीनियर और पहली कक्षा में 25 फीसदी कोटा आवंटित किया है।
इस कोटे के तहत औद्योगिक और मजदूर बहुल शहर भिवंडी में स्कॉलर इंग्लिश हाई स्कूल, विजडम इंग्लिश स्कूल, फाक इंग्लिश स्कूल, होली मेरी इंग्लिश स्कूल, नवभारत इंग्लिश स्कूल, पोद्दार इंग्लिश स्कूल, डाक्टर ओमप्रकाश अग्रवाल इंग्लिश स्कूल, लियो किड्स इंग्लिश स्कूल और स्वामी विवेकानंदनंद अंग्रेजी स्कूल जैसे भिवंडी के 28 इंग्लिश मीडियम के स्कूलों में सरकार ने लॉटरी सिस्टम से मुफ्त प्रवेश की आन लाइन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह 22 मार्च तक जारी रहेगी। चूकि आनलाइन फार्म भरने मे विभिन्न अड़चनों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों ने लोगों को मार्गदर्शन देना शुरू किया है। इनमें मूवमेंट फॉर पीस एंड जस्टिस (एमपीजे), प्रवीण फाउंडेशन और एनसीपी सहित अन्य सामाजिक संगठनों और उनके कार्यकर्ताओं का समावेश है। इनकी ओर से सरकार की इस योजना का लाभ अधिकाधिक पात्र बच्चों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता की है।
शिविर के जरिए कर रहे मदद
एमपीजे के स्थानीय अध्यक्ष डा. इंतेखाब अंसारी के मुताबिक तीन बत्ती स्थित एमपीजे के कार्यालय में शाम छह से 10 बजे के बीच ऑनलाइन फार्म भरने की प्रक्रिया जारी है। अंसारी का कहना है कि सरकार की इस योजना की समुचित जानकारी न होने के कारण सैकड़ों सीटें बच जाती हैं। जिसे स्कूल प्रशासन बाद में डोनेशन द्वारा भरता है। उन्होंने लोगों से इस स्वर्णिम योजना का भरपूर लाभ लेने की सलाह दी। इसी तरह फार्म भरने दूसरा शिविर धामणकर नाका पर लगाया गया है। जहां प्रवीण फाउंडेशन और एनसीपी ने संयुक्त रूप से शिविर लगाकर बच्चों का आन लाइन फार्म भरवाया जा रहा है। प्रवीण फाउंडेशन के चेयरमैन खुर्रम इकबाल अंसारी के मुताबिक उनके यहां पूरे दिन नि:शुल्क फार्म भरने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने अभिभावकों को अपने पसंद के स्कूलों में प्रवेश के लिए माता-पिता के आधार कार्ड, तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र जो एक लाख वार्षिक से कम हो, बच्चे का 2 फोटो और जन्म प्रमाण पत्र की झेराक्स प्रतिलिपि से फार्म भरा जा सकता है। संस्थाओं ने इसके लिए सभी को अन्य दूसरे माध्यमों से सूचना भेजी है, जिससे लोग फायदा लें।