Mumbai Police busted cyber fraud gang: मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया है जिसने देशभर में ठगी का बड़ा जाल बिछा रखा था।
Mumbai News: मुंबई पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने एक ऐसे इंटरनेशनल साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसने देशभर में लोगों से फ्रॉड कर करोड़ों रुपये ऐंठे हैं। यह गैंग अलग-अलग बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर भोले-भाले लोगों से ठगी करता था। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि गैंग ने कुल 943 बैंक अकाउंट खुलवाये थे, जिनमें से 181 अकाउंट मुंबई में ठगी के लिए सक्रिय रूप से इस्तेमाल किए जा रहे थे। इससे मुंबई में 1.67 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में 10.57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लैपटॉप, 25 मोबाइल फोन, 25 पासबुक, 30 चेकबुक, 46 एटीएम कार्ड और 104 सिम कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस को ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज की गई शिकायतों की जांच की और साइबर ठगी करने वाले इंटरनेशनल गैंग का पर्दाफाश किया। इनमें डिजिटल अरेस्ट, फर्जी ऑनलाइन शॉपिंग और अवैध शेयर ट्रेडिंग जैसे मामलों में लोगों से करोड़ों रुपये ठगे जाने की बात सामने आई थी।
अधिकारियों ने बताया कि साइबर हेल्पलाइन (1930) पर दर्ज हुई शिकायतों के आधार पर यह सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी ऑनलाइन शॉपिंग और अवैध शेयर ट्रेडिंग जैसे तरीकों से ठगा गया। अब तक की जांच में इस ठगी की रकम करीब 60 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क और अन्य जुड़े लोगों की तलाश जारी है।
नवी मुंबई में एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है। शराब की दुकान का लाइसेंस दिलवाने का झांसा देकर ठाणे जिले के कल्याण निवासी आरोपी ने नासिक के निफाड़ के एक किसान से 1.44 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पीड़ित किसान (29) को भरोसा दिलाया कि वह पनवेल स्थित शराब की दुकान का लाइसेंस उसके नाम करवा देगा। किसान और उसके भाई ने जुलाई 2024 से जनवरी 2025 तक कई किस्तों में यह रकम दी। आरोपी ने मालिक को केवल 61 लाख रुपये दिए और 83 लाख रुपये गबन कर लिए। जब किसान ने आरोपी से लाइसेंस के बारे में पूछा तो आरोपी ने पैसे वापस देने की बात कहकर उसे कुछ चेक दिए। लेकिन चेक बाउंस हो गए। जिसके बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।