
मीरा भायंदर. धर्म आराधना का उत्तम अवसर प्रदान करता है चातुर्मास। चातुर्मास के दौरान संस्कारों का सिंचन तो होता ही है लोगों को संतों का सानिध्य प्राप्त होता हैं। जैन धर्म पूर्णत अहिंसा पर आधारित हैं। जैनत्व में अहिंसा का अत्यधिक महत्व हैं बारिश के मौसम में कई प्रकार के सुक्ष्म जीव जंतु दिखाई नहीं देते और इन्हे नुकसान नहीं पहुंचे इसीलिए चातुर्मास में चार महीने एक ही जगह रहकर जैन साधु तप, प्रवचन, जिनवाणी आदि का महत्व समझाते हैं उपरोक्त विचार दक्षसूरीस्वर के शिष्य सूरिमंत्र पाश्र्व पद्मावती के साधक समकित आचार्य विजय प्रभाकरसूरीस्वर ने भव्य चातुर्मास प्रवेश के बाद विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। विगत हो लंबे अंतराल के बाद श्री पार्श्व पद्मावती श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ एवं पानीबाई भबुतमलजी रेड चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में हो रहे चातुर्मास को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह का माहौल हैं। गुरुदेव के साथ महापद्मविजयजी मुनि पद्मविजय का भी प्रवेश हुआ।
11 अगस्त को सामूहिक सवा करोड़ नवकार महामंत्र जाप
समारोह अध्यक्ष विधायक नरेंद्र मेहता ने कहा कि आगामी मनपा महासभा में प्रस्ताव पारित कर किसी प्रशासनिक इमारत को आचार्य दक्षसूरीश्वर का नाम दिया जायेगा, जिसका उद्घाटन भी गुरुदेव की उपस्थिति में संपन्न होगा। महापौर डिंपल मेहता, पूर्व महापौर गीता जैन,नगरसेवक सुरेश खंडेलवाल,भाजपा नेता भगवती शर्मा, युथ फोरम के अध्यक्ष दीपक आर जैन सहित अनेक उपस्थित थे। चातुर्मास के मुख्य लाभार्थी पानीबाई भबुतमल रेड (सरत), सह आयोजक स्व. कपूरचंद चंडालिया, प्रसन्नबाई सांकलचंद चौहान, स्व.राजमल अंजानिया, चातुर्मास सहयोगी प्रेमलतादेवी भंवरलाल बाफना परिवार हैं। चातुर्मास के दौरान 11 अगस्त को विशाल एवं प्रभावशाली पद्मावती महापूजन के अलावा सामूहिक सवा करोड़ नवकार महामंत्र जाप का अनूठा आयोजन, चातुर्मास सामूहिक तप,आषाढ़ सूद तेरस से कार्तिक पूनम तक सांकली अ_ाम तप, प्रति माह शुभ योग में श्री सरस्वती देवी एवं श्री महालक्ष्मी देवी महापूजन, सामूहिक सिद्धितप, श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ भगवन की अलौकिक अभिषेक पूजा,अनंत लब्धिनिधान गौतमस्वामी महापूजन, विश्वशांति एवं सकल श्री संघ विकास हेतु वार्षिक महापूजन सहित अनेक धार्मिक व सामाजिक कार्य संपन्न होंगे. संगीत की रमझट युवा संगीतकार भरत टी.ओसवाल, तातेड़, यश जैन व मेहमान कलाकार राजेश जैन ने भक्ति की धूम मचाई। कार्यकम का संचालन ललित परमार ने किया।