राजनीति: मुख्यमंत्री ने दी भीड़भाड़ से बचने की सलाह
मुंबई. केंद्र में मंत्री बने महाराष्ट्र के नेताओं की जन आशीर्वाद यात्रा भाजपा के लिए मुसीबत बन गई है। कोरोना नियम तोडऩे के लिए यात्रा आयोजकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत 36 एफआईआर दर्ज की गई हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय लघु उद्योग मंत्री नारायण राणे की जन आशीर्वाद यात्रा को लेकर विले पार्ले, खेरवाड़ी, माहिम, शिवाजी पार्क, दादर, चेंबूर और गोवंडी थानों में केस दर्ज किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल ने की जन आशीर्वाद यात्रा ठाणे से निकाली गई थी। ठाणे में कई एफआइआर हुई हैं। इन रैलियों में राणे और पाटिल के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर सहित अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया था। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आम जनता के हितों का हवाला देते हुए राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वै रैली-यात्रा न निकालें।
भाजपा को कोसा
केंद्रीय मंत्रियों की जनआशीर्वाद यात्रा पर बिना नाम लिए उन्होंने भाजपा को कोसा। मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों, धार्मिक-सामाजिक संगठनों से अपील की कि भीड़ बढ़ा कर जनता की जान जोखिम में न डालें। क्योंकि कोरोना संकट अभी टला नहीं है। थोड़ी भी लापरवाही हमारे लिए भारी पड़ सकती है। इसलिए सबको नियमों का पालन करना चाहिए।
..तो सख्त लॉकडाउन
सांतक्रुज में शनिवार को बच्चों के कोविड सेंटर के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमितों की संख्या बढ़ी तो राज्य में फिर से सख्त लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि हम स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ा रहे हैं। लेकिन, पर्याप्त ऑक्सीजन का इंतजाम अभी नहीं हो पाया है। ऐसे में न चाहते हुए भी सख्ती लागू करनी पड़ सकती है। जगह-जगह भीड़भाड़ पर उन्होंने चिंता जताई।