लाखों की संख्या में सड़क पर उतरे मुसलिम समुदाय( muslim community) के लोग ,मुंबई (mumbai) के अगस्त क्रांति (augustkranti ground)मैदान , नागपुर ( nagpur) , औरंगबाद (aurangabad), कोल्हापुर ( kolhapur) में जम कर आन्दोलन ,उक्त कानून के खिलाफ काग्रेस( congress) , एनसीपी (ncp), कम्युनिस्ट (comunist) सहित कई सामाजिक संगठन के लोग हुए शामिल तो वही समर्थन में भी उतरे लोग , पुणे में एबीवीपी(abvp) के कार्यकर्ताओं ने उक्त बिल का किया समर्थन , निकला मोर्चा
मुंबई . Patrika .com/mumbai-news/maha-politics-dinner-diplomacy-og-uddhav-thakre-5528558/" target="_blank">सीएए ( संसोधन नागरिकता कानून ) तथा एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिजन ) कानून के विरोध में गुरूवार को पुरे महाराष्ट्र में जगह जगह विरोध प्रदर्शन किए गए . वर्ष 1942 में भारत छोडो आन्दोलन की शुरुवात जिस गस्त क्रांति मैदान से की गई थी उसी अगस्त क्रांति मैदान से कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में कई अन्य राजनीतिक दल , सामाजिक संगठन, आदि लोग एकसाथ आकर केंद्र सरकार के खिलाफ यलगार दिया
केंद्र में मोदी सरकार के खिलाफ जम कर नारे बाजी की गई , चले जाऊं के नारे बुलंद किए गए , महात्मा गाँधी के नारे को याद करते हुए सीधे प्रधनमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र की एनडीए सरकार को निशाना साधा गया . पिछले एक सप्ताह से देश के विभिन्न ठिकानो पर मुस्लिम समुदाय के लोग जम कर इन दोनों कानून का विरोध किया .उसी तर्ज पर गुरूवार को भी मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में तो महाराष्ट्र के उपराजधानी नागपुर , कोल्हापुर और औरंगबाद सहित कई ठिकानो पर इस कानून के खिलाफ लोग सड़क पर उतरे, मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में ,इन सभी प्रदर्शन में पोस्टर बैनर लेकर शामिल हुए .
कांग्रेस , एनसीपी तथा तमाम सामजिक संगठन हम लोग की अगुवाई में कई संगठन के लोग भी उपस्थित होकर इस विरोध प्रदर्शन को बल देने का पूरा प्रयास किया . मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष एकनाथ गायकवा , कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत, अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ,समाजसेविका तीस्ता सीतलवाड , आप पार्टी के कई नेता उपस्थित हुए .
इस बारे में एकनाथ गायकवाड ने कहा कि यह कानून देश विरोधी है . इससे हमारे देश के भाई बंधू हमसे जुदा हो जायेंगे . इस कानून को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए . कांग्रेस ने अभी तो तो चेतावनी भरा आन्दोलन किया है लेकिन यदि सरकार ने उक्त कानून को पीछे नहीं लिया तो कांग्रेस उग्र आन्दोलन निकलेगी . प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि कांग्रेस इस कानून के खिलाफ महाराष्ट्र के कोने कोने में मोर्चा निकलेगी , कांग्रेस ने पहले भी अपनी बात रखते हुए उक्त कानून का विरोध किया है .अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने कहा अभी भी समय है . केंद्र सरकार को अपनी गलती सुधार लेना चहिये . मैंने खुले में इस कानून का विरोध किया तो मुझे फिल्म जगत से काम मिलना काम मिलना बंद हो गया .
उलेखनीय है कि केंद्र सरकार ने संसद के दोनों सदनों में सीएए तथा एनआरसी कानून के आने के बाद ही जगह जगह देश में आन्दोलन शुरू हो गए है . कही छात्र संघ तो कही मुस्लिम समुदाय के लोग आगे आकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं .
शांति प्रिय तरीके से हुआ आन्दोलन
महाराष्ट्र में मुंबई , नागपुर सहित कई ठिकानो अपर गुरूवार को आन्दोलन किए गए . लेकिन सभी शांतिपूर्वक किए गए . कांग्रेस , एनसीपी और कई छात्रसंघ के साथ सामाजिक संगठन के लोग इस आन्दोलन में शामिल थे .
पुलिस ने रही मुस्तैद
जगह जगह शुरू आन्दोलन में हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने भी मुस्तैदी दिखाई . मुंबई , सहित महाराष्ट्र में जहाँ भी आन्दोलन हुए बड़ी संख्या में पुलिस उपस्थित थे . प्रदर्शनकारियों पर नजर , ड्रोन , सीसीटीवी आदि के माध्यम से सुरक्षा दृष्टी बनाये रखा . पुलिस विभाग ने इस आन्दोलन को देखते हुए सभी कर्मचारियों की छुट्टिय पहले ही रद्द कर दिया था
भाजपा के प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने इस आन्दोलन को गैर जरुरी आन्दोलन बताते हुए कहा कि जो लोग आन्दोलन कर रहे है वे सभी राजनीत से प्रेरित है . इनमे से ज्यादातर लोगों को उक्त कानून के बारे में जानकारी भी नहीं है , लोग सुनी सुनाई बातों पर भरोसा करते हुए इस आन्दोलन में शामिल हुए है . हमारी लोगों से आग्रह है कि वे पहले उक्त दोनों कानून के बारे में समझे . फिर अपनी राय तय करें . उपाध्ये ने कहा कि प्रधनमंत्री और गृह मंत्री ने पहले ही उक्त कानून को लेकर स्पष्टीकरण दिया है .
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एक तरफ जहाँ सीएए ( संसोधन नागरिकता कानून ) तथा एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिजन ) कानून के विरोध में गुरूवार को पुरे महाराष्ट्र में जगह जगह विरोध प्रदर्शन किए गए तो वही एबीवीपी( अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्) छात्र संगठन ने उक्त कानून के समर्थन में मोर्चा निकला . पुणे में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतर कर उक्त बिल के समर्थन में नारे बाजी किया . पुणे की सडकों पर पहली बार एबीवीपी के कार्यकर्ता उतरे हैं . इसी के साथ अब पुरे देश में एबीवीपी के कार्यकर्ता उक्त कानून के समर्थन में उतरेंगे . एक कार्यकर्ता ने बताया कि यह बिल देश हित में है इससे देश में अवैध रूप से आने वाले बंगलादेशियों पर नियंत्रण हो सकेगा , साथ ही अन्य देशों में जिन लोगों पर अत्याचार हो रहा है ऐसे अल्पसंख्यक समुदाय को भारत में संरक्षण भी मिल सकेगा .