Maharashtra Marathwada Flood: पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में भारी बारिश के कारण 128 गांवों से संपर्क टूट गया है। राज्य के राहत और पुनर्वास विभाग के अनुसार, मराठवाड़ा के हिंगोली (Hingoli) और नांदेड़ (Nanded) जिलों में दो दिनों में भारी बारिश दर्ज की गई है।
Maharashtra Floods News: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा (Marathwada) और विदर्भ (Vidarbha) रीजन में भारी बारिश (Heavy Rain) ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। राज्य के तीन जिलों में कम से कम 130 गांवों में मूसलाधार बरसात हुई है, जिससे वहां बाढ़ आ गई है. प्रशासन ने बारिश के रौद्र रूप को देखते हुए 200 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर भेजा है।
अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में भारी बारिश के कारण 128 गांवों से संपर्क टूट गया है। राज्य के राहत और पुनर्वास विभाग के अनुसार, मराठवाड़ा के हिंगोली (Hingoli) और नांदेड़ (Nanded) जिलों में दो दिनों में भारी बारिश दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि हिंगोली जिले के वसमत तालुका में शनिवार सुबह 8.30 बजे समाप्त हुए 24 घंटे के दौरान 150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह भी पढ़े-Maharashtra: अमरावती में कुएं का दूषित पानी पीने से 3 की मौत, 47 की हालत गंभीर, एक्शन में आये CM एकनाथ शिंदे
CM एकनाथ शिंदे ने राहत अभियान तेज करने का दिया निर्देश-
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पिछले 48 घंटों में भारी बारिश के बाद हिंगोली के जिला कलेक्टर से बात की। शिंदे ने कलेक्टर को लोगों को बाहर बाढ़ से निकालने और राहत मुहैया कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को जल्द से जल्द बचाने के लिए एनडीआरएफ के दस्ते भेजने के भी निर्देश दिए।
आसना नदी में आई बाढ़ से हिंगोली जिले के कई घर जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के कारण पूरा कुरुंदा गांव जलमग्न हो गया है। दरअसल भारी बारिश होने से आसना नदी में आई बाढ़ के कारण महाराष्ट्र के हिंगोली और नांदेड़ जिलों के तीन गांवों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
आसना नदी में आई बाढ़-
मराठवाड़ा क्षेत्र के तहत आने वाले हिंगोली जिले के पड़ोस में स्थित नांदेड़ जिले में आसना नदी के निचले इलाके में बसे हडगांव गांव के के लोगों समेत कम से कम 200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
अत्यधिक बारिश की वजह से शुक्रवार रात को मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित हिंगोली जिले से बहने वाली आसना नदी में बाढ़ आ गई। इसकी वजह से वसमत तहसील के निचले इलाके में बसे कुरुंदा और किन्होला गांव बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
आईएमडी ने जारी किया अलर्ट-
वहीं, भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने कोंकण, मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों तक बारिश में वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया है।
प्रशासन ने आज कोंकण क्षेत्र में मुंबई-गोवा राजमार्ग पर चिपलून के पास परशुराम घाट (Parshuram Ghat) को भूस्खलन की आशंका के चलते बंद कर दिया। जबकि रत्नागिरी जिले में जगबूडी (Jagbudi) और कोडवाली (Kodwali) नदियां चेतावनी के स्तर से ऊपर बह रही हैं और जिला अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।