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महाराष्ट्र: एशियन अस्पताल के NICU में भीषण आग, 9 नवजात शिशुओं समेत 58 मरीज बाल-बाल बचे

Chhatrapati Sambhajinagar hospital fire: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के एशियन अस्पताल में आज तड़के भीषण आग लग गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की वजह से 9 नवजात शिशुओं सहित सभी 58 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
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Sep 04, 2026
Chhatrapati Sambhajinagar Asian Hospital fire
छत्रपति संभाजीनगर के एशियन अस्पताल में भीषण आग (Photo: IANS/File)

Asian Hospital fire news: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा टल गया। शहर के आकाशवाणी चौक स्थित एशियन अस्पताल में भीषण आग लग गई। आग अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में लगी थी। उसी मंजिल पर जनरल वार्ड के 36 मरीज और स्पेशल वार्ड के 13 मरीज भी भर्ती थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एसी में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। जिस समय आग लगी, उस वक्त NICU में 9 नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था। जबकि पहली मंजिल पर ही 49 और मरीज भी भर्ती थे। अचानक आग और धुआं फैलने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों, दमकल कर्मियों और पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

15 मिनट में आग पर काबू, 30 एम्बुलेंस और दमकल की 5 गाड़ियां पहुंचीं

अस्पताल में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 5 गाड़ियां और करीब 30 एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने तेजी से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। जवानों की तत्परता के चलते करीब 10 से 15 मिनट में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

पहली मंजिल पर फंसे थे 58 मरीज

जिस पहली मंजिल पर NICU स्थित है, वहां कुल 58 मरीज भर्ती थे। इनमें NICU के 9 नवजात बच्चों के अलावा जनरल वार्ड में 36 और स्पेशल रूम में 13 मरीज इलाज करा रहे थे। आग और धुएं की स्थिति को देखते हुए जवाहरनगर पुलिस, आरसीपी जवानों और अस्पताल के कर्मचारियों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। काफी सावधानी के साथ सभी 58 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

9 नवजात बच्चों को दूसरे अस्पतालों में किया गया शिफ्ट

NICU से सुरक्षित निकाले गए सभी 9 नवजात बच्चों को तत्काल बेहतर इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया। इनमें 5 बच्चों को घाटी अस्पताल, 3 बच्चों को एमजीएम अस्पताल और एक बच्चे को संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, सभी 9 बच्चे सुरक्षित हैं और डॉक्टरों की टीमें उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

बताया जा रहा है कि आग लगने की घटना के बाद अस्पताल में कुछ समय के लिए भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। खासकर NICU में भर्ती नवजात बच्चों को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई थी। लेकिन अस्पताल के स्टाफ, पुलिसकर्मियों, दमकल जवानों ने आपसी समन्वय से तेजी से बचाव अभियान चलाया। समय पर आग पर काबू पाने और मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।

अमरावती में हुई थी 3 मासूमों की मौत

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र के अमरावती में जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु कक्ष में भीषण आग लगी थी। इस हादसे में तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई थी। बताया गया था कि नवजात शिशु कक्ष में वेंटिलेटर में विस्फोट के बाद आग लगी और देखते ही देखते फैल गई। उस समय वार्ड में कुल 9 नवजात बच्चे थे। डॉक्टरों और कर्मचारियों ने बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तीन बच्चों को नहीं बचाया जा सका।

Updated on:
04 Sept 2026 08:30 am
Published on:
04 Sept 2026 08:17 am