
महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र (Maharashtra Winter Session) को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) ने राज्य सरकार द्वारा सत्र की पूर्व संध्या पर आयोजित पारंपरिक चाय पार्टी का बहिष्कार किया। विपक्ष ने इसका कारण विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में विपक्ष के नेता (नेता प्रतिपक्ष) की नियुक्ति न होना बताया है।
एमवीए गठबंधन में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे), एनसीपी (शरद पवार) शामिल है। आज एमवीए ने संयुक्त बैठक के बाद यह निर्णय लिया। विपक्षी गठबंधन ने आरोप लगाया है कि सत्ता पक्ष जानबूझकर दोनों सदनों में विपक्ष के नेता की नियुक्ति नहीं कर रहा है। विपक्ष के नेता की नियुक्ति के बिना, सरकार की यह पारंपरिक चाय पार्टी राजनीतिक रूप से स्वीकार्य नहीं है।
महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने रविवार को कहा कि उनके कार्यालय को सदन में नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने का प्रस्ताव मिला है। उन्होंने कहा कि यह पद जुलाई से रिक्त है और सभी पक्षकारों के साथ बातचीत के बाद उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।
पिछले साल नवंबर में हुए महराष्ट्र विधानसभा चुनावों में किसी भी विपक्षी दल को 288 सदस्यीय विधानसभा में 10 प्रतिशत सीटें नहीं मिल पाई थीं। नियमानुसार, नेता प्रतिपक्ष पद पर दावा करने के लिए सदन में कम से कम 10 प्रतिशत सीट होना अनिवार्य है।
विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा, "विपक्ष के नेता के पद पर निर्णय पूरी तरह से विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) और विधान परिषद सभापति (Chairman) के अधिकार क्षेत्र में है। इसलिए, वे जो भी निर्णय लेंगे, हम उसे स्वीकार करेंगे।"
विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए फडणवीस ने कहा कि वर्तमान में विपक्षी दल दिशाहीन है। उनके पास कोई मुद्दा नहीं है और न ही उनमें मुद्दों को आगे बढ़ाने की इच्छा शक्ति है।
महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र की अवधि को लेकर उठाए गए विपक्ष के सवालों का सीएम फडणवीस ने जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी सवालों का जवाब देगी। उन्होंने सत्र की कम अवधि पर कहा, "सभी को पता है कि आचार संहिता के कारण पूरे समय तक सत्र आयोजित नहीं किया जा सकता है। फिर भी हम शनिवार और रविवार को भी सत्र आयोजित करने और अधिक काम करने के लिए तैयार हैं। हमारी सरकार की मानसिकता भागने की नहीं है। हम इस सत्र में 18 विधेयक (Bill) पेश करेंगे। हम इन विधेयकों पर चर्चा करने और उन्हें मंजूरी दिलाने की पूरी कोशिश करेंगे।"
महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र 8 दिसंबर से 14 दिसंबर तक नागपुर में आयोजित किया जाएगा। यह सत्र कुल 7 दिनों का होगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण विधायी और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। शनिवार और रविवार को भी कार्यवाही सामान्य रूप से जारी रहेगी।