Daughter Kills Father For Police Job: इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब आर्या के पूर्व प्रेमी और मामले के सह-आरोपी ने चंद्रपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
महाराष्ट्र के चंद्रपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ट्रेनी महिला पुलिसकर्मी पर अपने ही पिता की हत्या करने का आरोप लगा है। जांच में खुलासा हुआ है कि उसने कथित तौर पर अपने पिता को मिल्कशेक में जहर देकर मार डाला, ताकि उसे ‘अनुकंपा नियुक्ति’ के तहत पुलिस विभाग में नौकरी मिल सके।
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला के पूर्व प्रेमी आशीष शेडमाके, जो खुद पहले पुलिस विभाग में कार्यरत था, ने चंद्रपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मुम्मका सुदर्शन के सामने सबूत पेश किए। आशीष ने फोन कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो के जरिए दावा किया कि 22 वर्षीय आर्या बल्लावर ने अपने पिता जयंत बल्लावर को जहर दिया था।
जानकारी के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल जयंत बल्लावर की मौत 25 अप्रैल 2023 को ड्यूटी के दौरान हुई थी। उस समय इसे फूड पॉइजनिंग मानकर मामला बंद कर दिया गया था। बाद में आर्या को नियमों के तहत अनुकंपा नियुक्ति पर पुलिस में नौकरी भी मिल गई थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, आर्या और आशीष बचपन से एक-दूसरे को जानते थे और बाद में दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गया था। लेकिन परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। इसी बीच आशीष को अपने पिता की मौत के बाद पुलिस में नौकरी मिल गई, जिससे प्रेरित होकर आर्या ने भी अपने पिता की मौत के जरिए नौकरी पाने की योजना बनाई।
बताया जा रहा है कि आशीष और उसके दो दोस्तों ने मिलकर करीब 5 हजार रुपये में जहर का इंतजाम किया। यह जहर आर्या को दिया गया, जिसने उसे मिल्कशेक में मिलाकर अपने पिता को पिला दिया। इसके बाद जयंत बल्लावर ड्यूटी पर गए, जहां कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। तब किसी को भी हत्या का शक नहीं हुआ। जिसके बाद आर्या को पिता की जगह पुलिस में अनुकंपा नौकरी मिल गई।
आशीष और आर्या दोनों ने पुलिस ट्रेनिंग भी साथ में पूरी की और नौकरी जॉइन कर ली। हालांकि बाद में आशीष एक गंभीर मामले में फंस गया और उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद दोनों के रिश्ते में दरार आ गई और ब्रेकअप हो गया।
बताया जा रहा है कि आर्या द्वारा रिश्ता खत्म किए जाने से आहत होकर आशीष ने पूरे मामले का खुलासा करने का फैसला लिया और एसपी के सामने खुद मामले का पर्दाफाश कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चंद्रपुर एसपी मुम्मका सुदर्शन ने तुरंत केस दर्ज करने के निर्देश दिए। रामनगर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 120(B), 302, 201 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जिसके बाद रामनगर पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 120(B) (आपराधिक साजिश), 201 (सबूत मिटाना) और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आर्या बल्लावर, आशीष शेडमाके (30), चैतन्य उर्फ मॉन्टी गेडाम (22) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सभी सबूतों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पहले जो मामला सामान्य मौत समझा गया था, अब वह हत्या की साजिश में बदल चुका है। यह घटना न सिर्फ पुलिस विभाग बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गई है।