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NEET Paper Leak: ऋतिक मिश्रा की मौत पर रो पड़े खान सर, बोले- छात्रों की पूरी जिंदगी दांव पर

NEET UG 2026 Controversy: नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने के बाद खान सर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक छात्र की मौत पर भी अपना रिएक्शन दिया है।

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NEET Paper Leak Controversy

NEET Paper Leak Controversy (सोर्स- एक्स)

NEET Paper Leak Controversy: नीट यूजी परीक्षा विवाद ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। लाखों छात्रों के सपनों से जुड़ी इस परीक्षा पर पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोप लगने के बाद जब परीक्षा रद्द हुई तो छात्रों और अभिभावकों के बीच गहरा आक्रोश फैल गया।

इसी बीच उत्तर प्रदेश के रहने वाले 20 वर्षीय मेडिकल अभ्यर्थी ऋतिक मिश्रा की मौत की खबर ने हर किसी को भावुक कर दिया। इस घटना पर मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर खान सर भी खुद को संभाल नहीं पाए और कैमरे के सामने भावुक हो गए।

ऋतिक मिश्रा की मौत पर रो पड़े खान सर (NEET Paper Leak Controversy)

खान सर ने इस पूरे मामले को केवल परीक्षा विवाद नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बताया। उन्होंने कहा कि लाखों बच्चे दिन-रात मेहनत करते हैं, परिवार कर्ज लेकर कोचिंग करवाते हैं और ऐसे में जब परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं तो सबसे बड़ा नुकसान छात्रों का होता है। उन्होंने कहा, 'ये सिर्फ एग्जाम नहीं है, बच्चों की पूरी जिंदगी होती है।'

ऋतिक मिश्रा की मौत के बाद पूरे देश में NEET परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। सोशल मीडिया पर छात्र लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। कई शहरों में प्रदर्शन हुए और छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग उठाई। इस बीच केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।

परीक्षा रद्द होने के चलते तनाव में था ऋतिक

हालांकि पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच में इसे निजी मामला बताया है, लेकिन परिवार का कहना है कि परीक्षा रद्द होने और भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण ऋतिक काफी तनाव में था। यही वजह है कि यह मामला सिर्फ एक छात्र की मौत तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि देशभर के छात्रों की मानसिक स्थिति पर भी चर्चा शुरू हो गई।

ऐसे मुश्किल समय में विशेषज्ञों ने अभिभावकों की भूमिका को बेहद अहम बताया है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि जब बच्चा किसी परीक्षा या करियर संकट से गुजर रहा हो तो उसे डांटने या तुलना करने के बजाय भावनात्मक सहारा देना जरूरी होता है। बच्चों को यह महसूस कराना चाहिए कि एक परीक्षा जिंदगी का अंत नहीं होती।

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