Maharashtra MPSC Exam: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएसी) की परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह अच्छी खबर मंगलवार को सामने आई। एमपीएससी परीक्षाओं को लेकर जो नए नियम इस वर्ष से लागू होने वाले थे वह अब नहीं होंगे।
MPSC Students Protest: महाराष्ट्र में एमपीएसी (Maharashtra Public Service Commission) की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के लिए खुशखबरी है। शिंदे-फडणवीस सरकार ने उनकी मांगों को मान लिया है और इस साल से नए परीक्षा पैटर्न को लागू नहीं करने का निर्णय लिया है। हाल ही में इस मांग को लेकर प्रदेशभर में सैकड़ों एमपीएसी उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएसी) की परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह अच्छी खबर मंगलवार को सामने आई। जानकारी के मुताबिक, एमपीएससी परीक्षाओं को लेकर जो नए नियम 2023 से लागू होने वाले थे वह अब वर्ष 2025 से लागू होंगे। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र: UPSC जैसे परीक्षा पैटर्न के विरोध में सड़क पर उतरे MPSC छात्र, कांग्रेस ने किया समर्थन
MPSC के नए नियम 2025 से होंगे लागू
दरअसल यूपीएससी की तरह ही एमपीएससी की परीक्षा में भी इस साल से डिस्क्रिप्टिव पैटर्न लागू करने की घोषणा की गई थी। हालांकि, एमपीएससी उम्मीदवारों ने इसका खूब विरोध किया और नए परीक्षा पैटर्न को 2023 की बजाय 2025 से लागू करने की मांग। इसको लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी थी कि जब तक इस मुद्दे का कोई हल नहीं निकलता है, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। इस बीच, सरकार ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाया है।
खबर है कि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस संबंध में चर्चा की। एमपीएससी उम्मीदवारों की मांग से अन्य मंत्रियों व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अवगत कराया गया। जिसके बाद सीएम शिंदे ने 2025 से एमपीएससी परीक्षा के नए नियमों को लागू करने की सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी। राज्य सरकार इस संबंध में एमपीएससी से अनुरोध करेगी। साथ ही जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है।
क्यों हो रहा विरोध?
महाराष्ट्र में हजारों छात्र एमपीएसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। छात्र मांग कर रहे हैं कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर बना नया 'सब्जेक्टिव पैटर्न' 2023 के बजाय 2025 से लागू किया जाए। इस मांग के पीछे छात्र वजह बता रहे है कि अभी नए पैटर्न के लागू होने से पुराने पैटर्न के अनुसार परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों का नुकसान होगा।