Mahatma Jyotiba Phule Jan Arogya Yojana: बजट सत्र में सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज के लिए महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना का दायरा बढ़ाने की घोषणा की गई थी।
Maharashtra Free Treatment: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के नागरिकों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सभी अस्पतालों में नागरिकों को मुफ्त में इलाज मुहैया करवाया जायेगा। सीएम एकनाथ शिंदे नीत सरकार के इस फैसले से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को फायदा होगा। इससे उनके इलाज पर खर्च होने वाला पैसा बच जायेगा।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत (Tanaji Sawant) ने कहा, सरकारी अस्पतालों में अब सभी तरह के उपचार सरकार द्वारा निःशुल्क प्रदान किये जायेंगे। कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया है। सावंत इस तरह से मुफ्त इलाज दिलाने के लिए कई महीनों से प्रयास कर रहे थे और आखिरकार उनके प्रयास सफल हुए हैं। यह भी पढ़े-आम आदमी को मिली बड़ी राहत, इस योजना से अस्पतालों में होगा 5 लाख का मुफ्त इलाज
कहां-कहां मिलेगा मुफ्त इलाज
राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के कुल 2418 संस्थान हैं, इन सभी जगहों पर मरीजों को मुफ्त इलाज मिलेगा। महाराष्ट्र में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण अस्पताल, महिला अस्पताल, जिला सामान्य अस्पताल, उप-जिला अस्पताल, रेफरल सेवा अस्पताल (सुपर स्पेशलिटी अस्पताल- नासिक और अमरावती), कैंसर अस्पताल में मरीजों का बिना पैसे के इलाज किया जाएगा। फिलहाल इन सभी अस्पतालों में प्रतिवर्ष 2.55 करोड़ नागरिक इलाज के लिए आते हैं।
महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना सभी के लिए लागू
महाराष्ट्र सरकार ने बजट सत्र में सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज के लिए महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना (Mahatma Jyotiba Phule Jan Arogya Yojana) का दायरा बढ़ाने की घोषणा की गई थी। जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हाल ही बताया था कि महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना की सीमा को दो लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है। साथ ही इस योजना का लाभ राज्य के सभी लोगों को देने का निर्णय लिया गया है। महाराष्ट्र कैबिनेट ने इस पर मुहर भी लगा दी है।
अभी तक इस योजना के लाभार्थियों में पीले राशन कार्ड धारक, अंत्योदय अन्न योजना राशन कार्ड (एएवाई) धारक, अन्नपूर्णा राशन कार्ड धारक और नारंगी राशन कार्ड धारकों के अलावा कृषि के लिहाज से संकटग्रस्त 14 जिलों के सफेद राशन कार्ड धारक किसान परिवार आदि शामिल थे।