Eknath Shinde vs Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों पर एकनाथ शिंदे ने कहा, "मैं मतदाताओं को बधाई देता हूं। अकेले शिवसेना ने विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी द्वारा जीती गई कुल सीटों से ज्यादा सीटें जीती हैं। भाजपा ने सेंचुरी बनाई और शिवसेना ने हाफ-सेंचुरी बनाई।“
महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों (Maharashtra Local Body Election Results 2025) में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा नीत महायुति (Mahayuti) ने विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) को करारी शिकस्त देते हुए एकतरफा जीत हासिल की है। अब तक घोषित परिणामों में महायुति 200 से अधिक सीटों पर जीत चुकी है, जबकि एमवीए महज 50 सीटों पर सिमटती दिख रही है।
स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति का दबदबा साफ नजर आ रहा है। जिसमें भाजपा के सबसे अधिक 120 से ज्यादा मेयर बनते दिख रहे है। शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की झोली में 60 और एनसीपी (अजित पवार गुट) की झोली में 35 मेयर पद आ सकते है। दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस 27, एनसीपी (शरद पवार गुट) 12 और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) 8 जगहों पर मेयर पद जीत रही है।
निकाय चुनाव में महायुति की ऐतिहासिक जीत के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने उद्धव ठाकरे व विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि अकेले शिंदे सेना की सीटें महाविकास अघाड़ी में शामिल सभी दलों की कुल सीटों से अधिक हैं। शिवसेना को मिला यह बड़ा जनादेश मतदाताओं के विश्वास का प्रमाण है। शिवसेना प्रमुख शिंदे ने दावा किया कि चुनाव नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि असली शिवसेना कौन सी है।
ठाणे में पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने कहा, शिवसेना (शिंदे गुट) का स्ट्राइक रेट विधानसभा और लोकसभा की तरह ही निकाय चुनाव में भी बेहतरीन रहा है। उन्होंने कहा कि पूरी महाविकास आघाड़ी की सीटों को जोड़ लिया जाए, तब भी अकेली शिवसेना (शिंदे गुट) उससे आगे है। जनता ने बता दिया है कि असली शिवसेना कौन है। खुद मतदाताओं ने असली शिवसेना पर मुहर लगा दी है।
उद्धव ठाकरे पर कटाक्ष करते हुए शिंदे ने कहा, "कुछ लोग पार्टी को अपनी जागीर समझते थे और कार्यकर्ताओं को नौकर, लेकिन हमने दिखाया कि शिवसेना कार्यकर्ताओं का सम्मान करने वाली पार्टी है। जिन लोगों ने कार्यकर्ताओं को निकाय चुनावों में अकेला छोड़ दिया और घरों से बाहर नहीं निकले, उन्हें मतदाताओं ने घर पर बैठा दिया है।"
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने आगे कहा, "विपक्ष चुनाव आयोग और कोर्ट पर आरोप लगा रहा था, लेकिन आज जनता की अदालत ने फैसला सुनाया और न्याय किया। जनता की अदालत ने बता दिया कि असली शिवसेना किसकी है।“
दूसरी ओर, करारी हार के बाद उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता संजय राउत ने चुनाव की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जीत को 'ईवीएम सेटिंग' और 'धनबल' का नतीजा बताया। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा, "विधानसभा के आंकड़े ही निकाय चुनावों में दोहराए गए हैं। बीजेपी ने EVM मशीनों की सेटिंग नहीं बदली है, कम से कम आंकड़े तो बदलने चाहिए थे।"
राउत ने आरोप लगाते हुए कहा, "जहां 30 करोड़ का बजट है, वहां चुनाव जीतने के लिए बीजेपी और शिंदे गुट ने 150-150 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पैसों की ऐसी बारिश के आगे कोई नहीं टिक सकता।"
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि असली प्रतिस्पर्धा विपक्ष से ज्यादा सत्ताधारी दलों के भीतर ही थी। निकाय चुनाव के प्रचार के लिए चार्टर्ड फ्लाइट और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल हुआ, बहुत सारा पैसा खर्च किया गया।