Dhananjay Munde Threat Call: एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुणे क्राइम ब्रांच ने 24 वर्षीय संदिग्ध को हिरासत में लिया है।
NCP Political Crisis: महाराष्ट्र सरकार के दो मंत्रियों को धमकी देने का मामला सामने आया है। पहले कैबिनेट मंत्री व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली। इसके बाद शिंदे सरकार के एक और मंत्री को धमकी भरा फोन आया। एनसीपी नेता व मंत्री धनंजय मुंडे को धमकी भरा फोन कर लाखों रुपये मांगे गए है। बताया जा रहा है कि धनंजय मुंडे के उनके परली स्थित घर पर धमकी भरा फोन आया था।
बीड जिले के परली (Parali) से विधायक धनंजय मुंडे को फोन पर धमकी दिये जाने की बात सामने आयी है। संदिग्ध ने धनंजय मुंडे के नाम पर धमकी देते हुए 50 लाख रुपये की डिमांड की है। पैसे नहीं देने पर गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है। यह भी पढ़े-Maharashtra: सुप्रीम कोर्ट से शिंदे सरकार को राहत, विधान परिषद के 12 विधायकों की नियुक्ति का रास्ता साफ
खबर है कि धनंजय मुंडे को मिली धमकी को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करायी जायेगी। इस बीच, 24 घंटे में एक और एनसीपी नेता को धमकी भरा फोन आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इससे पहले मंत्री छगन भुजबल को भी धमकी भरा फोन आया था। हालांकि शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि भुजबल को धमकाने वाला शराबी है। पुलिस छानबीन कर रही है।
पुणे क्राइम ब्रांच ने कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में 24 वर्षीय संदिग्ध को हिरासत में लिया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने सोमवार रात को भुजबल के निजी सहायक (पीए) के फोन नंबर पर कॉल कर एनसीपी नेता को जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि उसे भुजबल को मारने की सुपारी मिली है और वह मंगलवार को उन्हें मार देगा।
एनसीपी नेता के पीए ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को संदिग्ध की लोकेशन रायगढ़ जिले के महाड में मिली। जिसके बाद आरोपी को वहां से पकड़कर पुणे लाया गया। मामले की आगे की जांच चल रही है।
मालूम हो कि अजित पवार की अगुवाई में छगन भुजबल, धनंजय मुंडे समेत एनसीपी के 8 अन्य विधायक 2 जुलाई को एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना और बीजेपी के गठबंधन वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हुए थे। पवार ने डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली जबकि अन्य ने मंत्री के तौर पर ली।