महाराष्ट्र के जालना जिले से एक बड़ी खबर समाने आ रही है। जालना मंदिर से भगवान राम और माता सीता की मूर्तियां चोरी हो गई है। ये घटना सोमवार सुबह तीर्थस्थल जंबसमर्थ में हुई। ऐतिहासिक मंदिर से छह पंचधातु की मूर्तियां चोरी होने से श्रद्धालुओं में आक्रोश है। जंबसमर्थ श्री समर्थ रामदास स्वामी का जन्मस्थान है।

महाराष्ट्र के जालना जिले से एक बड़ी खबर समाने आ रही है। जालना के मंदिर से पुरानी भगवान की मूर्तियां चोरी हो गई है। यहां संत समर्थ रामदास स्वामी द्वारा पूजी गई भगवान राम की मूर्तियों को किसी ने चुरा लिया है। इस मंदिर का नाम जंबसमर्थ (Jamb Samarth Temple) है। भगवान हनुमान समेत श्रीराम, सीता माता, लक्ष्मण की दो मूर्तियां चोर उठा कर ले गए। चोरों ने श्रीराम, सीता माता, लक्ष्मण और हनुमान की पंचधातु की मूर्तियों को भी अपने साथ ले गए। इन मूर्तियों की पूजा श्री समर्थ रामदास स्वामी कर रहे थे।
ये घटना सोमवार सुबह तीर्थस्थल जंबसमर्थ (घंसवांगी) में हुई। इस ऐतिहासिक मंदिर से 6 पंचधातु की मूर्तियां चोरी होने से श्रद्धालुओं में आक्रोश है। जंबसमर्थ श्री समर्थ रामदास स्वामी का जन्मस्थान है। सन 1535 में भगवान राम, सीता माता, लक्ष्मण और हनुमान की 6 पंचधातु की मूर्तियां थीं। इस मंदिर में हनुमान जी की एक मूर्ति थी, जिसे भिक्षा पात्र में रखकर श्री समर्थ रामदास स्वामी की भुजा पर भिक्षा मांगते हुए बांध दिया गया था। यह भी पढ़ें: Mumbai News: ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, विशेष अभियान चलाकर एक दिन में काटे 6000 लोगों के चालान
सोमवार को चोरों ने इस श्री राम मंदिर से भगवान राम की दो मूर्तियां, सीतामाता, लक्ष्मण, हनुमान और 6 पंचधातु की मूर्तियां गायब कर दी है। सुबह इस घटना के सामने आने के बाद मंदिर क्षेत्र में भक्तों की बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। समर्थ रामदास स्वामी स्वयं इन मूर्तियों की पूजा करते थे। यह मंदिर सन 1535 का है और इस मंदिर में राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां थीं। इस मंदिर में अभी तक सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति नहीं की गई है।
बता दें कि किसी भी राम मंदिर में माता सीता भगवान राम के बाई ओर होती हैं, लेकिन इस मंदिर में माता सीता भगवान राम के दाहिनी ओर विराजमान हैं। इसने यह संदेश दिया है कि महिलाओं को गौण स्थान दिए बिना महिलाओं को सम्मान का स्थान मिला है। इस मंदिर की एक और खासियत यह है कि इस मंदिर में पति को अपनी पत्नी के चरणों में गिरकर उनका आशीर्वाद लेना पड़ता है। हर साल रामनवमी के अवसर पर यहां एक बड़ा त्यौहार मनाया जाता है। जाम्ब समर्थ मंदिर को तीर्थयात्रा का दर्जा प्राप्त है।