महाराष्ट्र के एटीएस को बड़ी कामयाबी मिली है। महाराष्ट्र एटीएस ने परवेज जुबैर नाम के संदिग्ध को किया गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक वो लंबे समय से फरार था और सेंट्रल एजंसी से मिले जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है।
महाराष्ट्र में एटीएस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। महाराष्ट्र एटीएस ने टेरर फंडिंग के मामले में परवेज जुबैर नाम के संदिग्ध को हिरासत में लिया है। यूएपीए के तहत गिरफ्तारी किया गया। परवेज डी कंपनी के लिए टेरर फंडिंग करते हुए लगातार अनीस इब्राहिम के लगातार संपर्क में था और डी कंपनी के लिए टेरर फंडिंग कर रहा था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक परवेज भिन्नरूपी बनकर अलग अलग नामों से डी कंपनी में जाना जाता था।
महाराष्ट्र एटीएस के मुताबिक परवेज जुबैर काफी लंबे समय से फरार था और सेंट्रल एजंसी से मिली स्पेसिफिक इनपुट के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले महाराष्ट्र एटीएस ने जून 2022 में जम्मू-कश्मीर से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए फंड और भर्ती में सक्रिय भूमिका निभाने वाले युसूफ को हिरासत में लिया था। आरोपित ने जुनैद मोहम्मद को फंड ट्रांसफर किया था। इसके बाद आरोपित यूसुफ को पुणे की कोर्ट में पेश किया गया था। यह भी पढ़ें: 9 साल बाद अपनी मां से मिला Mumbai Indians का ये दिग्गज खिलाड़ी, बिस्किट खाकर एक साल किया था गुजारा
बता दें कि महाराष्ट्र एटीएस ने इस साल मई में पुणे से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करने वाले जुनैद मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। जुनैद मोहम्मद पर लश्कर के लिए आतंकवादियों की भर्ती करने का आरोप था। जुनैद मोहम्मद युवाओं का ब्रेनवॉश करके उन्हें गलत रास्ते पर ले जाता था। जुनैद जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्यों के टच में था। जुनैद मोहम्मद अलग-अलग राज्यों के युवकों को लश्कर में भर्ती करने की लगातार कोशिश में लगा रहता था। जाँच एजेंसी ने जुनैद मोहम्मद पर यह भी आरोप लगाया था कि वह आतंकवाद की ट्रेनिंग दिलाने के लिए युवकों को जम्मू-कश्मीर ले जाने का प्रयत्न कर रहा था।
महाराष्ट्र एटीएस ने जुनैद मोहम्मद सहित चार आरोपितों के खिलाफ आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं 121 (A), 153 (A) और 116 के तहत एफआईआर दर्ज किया है। इसी साल 2 जून को एटीएस ने इसी मामले में एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया था। इसकी पहचान आफताब हुसैन शाह (28 वर्षीय) के रूप में हुयी थी। आफताब हुसैन शाह पर जुनैद मोहम्मद और विदेश में रहने वाले लश्कर के एक ऑपरेटिव के बीच की कड़ी होने का आरोप था।