शिवसेना के मुखपत्र सामना के रोखठोक कॉलम में रविवार को बड़ा दावा किया गया है। कॉलम में कहा गया है कि जब यूपीए सरकार नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ उठ खड़ी हुई थी, तब एनसीपी चीफ शरद पवार और नरेंद्र मोदी के बीच बेहतरीन बातचीत ने अमित शाह को गोधरा के एक मामले में जमानत पर रिहा करवा दिया था।
महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच सियासी जंग जारी है। बीजेपी ने शिवसेना के विधायकों को तोड़कर उद्धव ठाकरे की गद्दी छीन ली। गद्दी हाथ से जाने के बाद से शिवसेना का लगातार बीजेपी पर हमला जारी है। इस बीच रविवार को शिवसेना के मुखपत्र सामना ने अपने साप्ताहिक कॉलम ‘रोकठोक’ में एक बड़ा दावा किया है। साप्ताहिक कॉलम ‘रोकठोक’ में लिखा गया कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने साल 2002 के गोधरा कांड के एक मामले में अमित शाह को जमानत दिलाने में मदद की थी।
शिवसेना के मुखपत्र सामना के इस साप्ताहिक कॉलम से महा विकास अघाड़ी सरकार में शामिल रही एनसीपी बौखला गई है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने सामना के इस कॉलम को झूठा बताते हुए खारिज कर दिया है। प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि सामना के इस साप्ताहिक कॉलम मेंजो लिखा है उसमें एक प्रतिशत भी सच्चाई नहीं है। इस कॉलम में शरद पवार के बारे में लिखी गई सारी बातें गलत हैं। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: कोरोना ने छीन लिया रोजी रोटी, पैसे के बदले गड़ेरियों को सौंप रहे बच्चे; मासूम की मौत के बाद हुआ खुलासा
इस कॉलम में कहा गया है कि अमित शाह कई बार महाराष्ट्र के बारे में अभद्र भाषा का उपयोग करते हैं। ये अमित शाह की महाराष्ट्र के प्रति नफरत साफ नजर आती है। अमित शाह को हमेशा महाराष्ट्र और मराठी लोगों के लिए आभारी होना चाहिए। जब यूपीए सरकार नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ हुई थी, तब शरद पवार और नरेंद्र मोदी के बीच बेहतरीन बातचीत ने अमित शाह को गोधरा के एक मामले में जमानत पर रिहा करवा दिया था।
बता दें कि हाल ही में जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह लालबाग के राजा का दर्शन करने मुंबई आए थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा नेताओं, विधायकों और सांसदों के सामने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा था। अमित शाह ने कहा था कि जो लोग राजनीति में धोखा देते हैं, उन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। अमित शाह के इसी बयान पर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना केजरिए जवाब दिया है।