महाराष्ट्र में अब सरकारी अधिकारी फोन पर 'हेलो' की जगह वंदे मातरम बोला करेंगे। इससे पहले अगस्त के महीने में राज्य के संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने सरकारी कर्मचारियों को फोन कॉल पर हेलो के बजाय 'वंदे मातरम' बोलने का आदेश दिया था।
महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया हैं। शिंदे सरकार ने 'वंदे मातरम' को सभी सरकारी अधिकारियों के लैंडलाइन और मोबाइल फोन पर 'हेलो' की जगह एक प्रारंभिक क्रिया के रूप में इस्तेमाल करने के लिए जीआर (सरकार आदेश) जारी कर दिया हैं। इससे पहले अगस्त के महीने में राज्य के संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने सरकारी कर्मचारियों को फोन पर हेलो की जगह 'वंदे मातरम' (Vande Mataram) बोलने का निर्देश दिया था।
संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के इस आदेश के कुछ ही दिनों बाद वन विभाग ने अपने कर्मियों से सरकारी कामकाज से संबंधित फोन आने पर वंदे मातरम बोलकर जवाब देने की का आदेश दिया था। वन विभाग ने जीआर जारी कर कहा था कि वन विभाग के सभी अधिकारियों और स्टाफ से सरकारी कामकाज से जुड़े आम लोगों और जनप्रतिनिधियों के फोन उठाते समय हेलो की जगह वंदे मातरम बोलने की अपील की गई। वहीं अब राज्य सरकार ने सभी सरकारी अधिकारियों के लिए हेलो के बदले 'वंदे मातरम' बोलने को लेकर जीआर जारी कर दिया है। यह भी पढ़ें: मुंबई की सड़कों पर आज से शुरू हुई 'बेस्ट' की ई-बाइक सुविधा, जानें क्या होगा किराया और कैसे कर सकेंगे इस्तेमाल
बता दें शिंदे सरकार में मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने 15 अगस्त से पहले कहा था कि हम आजादी के 76वें साल में प्रवेश करने वाले हैं। हम अमृत महोत्सव मना रहे हैं इसलिए, मैं चाहता हूं कि फोन पर अधिकारी नमस्ते की जगह 'वंदे मातरम' बोले। उन्होंने कहा था कि इस पर सरकार जल्द औपचारिक आदेश जारी करेगा। उन्होंने कहा था कि मैं चाहता हूं कि महाराष्ट्र के सभी सरकारी अधिकारी अगले साल 26 जनवरी तक फोन पर वंदे मातरम कहें।
सुधीर मुनगंटीवार के इस फैसले का हुआ था विरोध: बता दें कि संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के इस आदेश के बाद कई मुस्लिम संगठनों ने खुलकर विरोध किया था। मुंबई की रजा एकेडमी की तरफ से इस फैसले पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा गया था कि हम केवल अल्लाह की इबादत करते हैं इसलिए वंदे मातरम की जगह कोई और विकल्प दिया जाए।