केदारनाथ यात्रा के लिए महाराष्ट्र के तीर्थयात्री आनलाइन ठगी के शिकार हुए हैं। महाराष्ट्र के 70 सदस्यीय दल ने 5.89 लाख में पवन हंस कंपनी के हेली टिकट आनलाइन बुक कराए थे। केदारघाटी में कंपनी के ऑफिस पहुंचने पर फर्जीवाड़े की पोल खुली।
केदारनाथ यात्रा के लिए महाराष्ट्र के तीर्थयात्री आनलाइन ठगी के शिकार हुए हैं। प्रशासन की तरफ से सख्ती के तमाम दावों के बावजूद केदारनाथ आने वाले तीर्थ यात्री हेली टिकटों की आनलाइन ठगी का लगातार शिकार हो रहे हैं। शुक्रवार को महाराष्ट्र के तीर्थ यात्रियों का 70-सदस्यीय दल फिर आनलाइन ठगी के झांसे में आ गए। ऐसे में सभी तीर्थ यात्रियों को बिना दर्शन के ही वापस लौटना पड़ा।
महाराष्ट्र के इस 70 सदस्यीय दल के मुखिया श्रीरामपुर-महाराष्ट्र निवासी देवीदास वाकचौरे ने बताया कि उन्होंने 5.89 लाख रुपए जमा कर 70 तीर्थ यात्रियों के हेली टिकट आनलाइन बुक कराए थे। लेकिन, शुक्रवार को हेली कंपनी पवन हंस के ऑफिस में पहुंचने पर पता चला कि सारे टिकट नकली हैं। इस मामले में पूछने पर कंपनी की तरफ से उन्हें गढ़वाल मंडल विकास निगम के बुकिंग काउंटर पर जाने को कहा गया। वहां भी जाने पर टिकट नकली बताया गया। इस पर उन्होंने साइबर क्राइम सेल में रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह भी पढ़ें: Water Taxi In Mumbai: मुंबई में ठप पड़ी वॉटर टैक्सी, नहीं मिल रहे पैसेंजर, ऑपरेटरों ने की ये मांग
वहीं, दूसरी तरफ पवन हंस के बेस मैनेजर अनिल उप्रेती ने बताया कि कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर साफ-साफ लिखा है कि केदारनाथ यात्रा के लिए कंपनी कोई भी टिकट बुक नहीं करती हैं। इसलिए धोखाधड़ी करने वालों से सतर्क रहें। कंपनी की तरफ से भी इस घटना की शिकायत पुलिस से की जा चुकी है।
हेली टिकट के नाम पर की जा रही ठगी: बता दें कि तीर्थ यात्रियों को ठगे जाने की इस घटना से केदारघाटी के बिजनेसमैन में भी शासन-प्रशासन को लेकर काफी आक्रोश है। स्थानीय निवासी नितिन जमलोकी ने बताया कि इतना वक्त बीत जाने के बाद भी हेली टिकटों की आनलाइन ठगी पर कोई कंट्रोल नहीं किया जा रहा हैं। बता दें कि इसका असर स्वाभाविक रूप से यात्रा पर भी पड़ेगा। जबकि, पुलिस का मानना है कि हेली टिकट के नाम पर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही हैं। इनमें से कुछ ठगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जा चुकी है।