महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली सात साल की आराध्‍या जगताप ने बेस्‍ट मेमोरी में वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया है। आराध्‍या जगताप ने बिना देखे ताश के पत्‍तों की पहचान कर और बाइनरी कोड पहचान कर यह नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है।
महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली आराध्या जगताप की उम्र महज सात साल है। सात साल की उम्र में ही आराध्या जगताप ने इतिहास रच दिया है। आराध्या जगताप एक प्राइवेट स्कूल में तीसरी कक्षा की स्टूडेंट हैं और सामान्य बच्चों की तरह ही स्कूल में पढ़ाई करती हैं। आराध्या ने अपने दिमाग के दम पर एक अनोखा कारनामा किया। आराध्या जगताप ने वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करवा लिया है। दरअसल, आराध्या जगताप ने बेस्ट मेमोरी में यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। आराध्या जगताप के जैसे श्रेष्ठ स्मृति वाले 25 बच्चों को हाल ही में सम्मानित किया गया।
इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को बनाने के लिए आराध्या जगताप को 52 ताश के पत्ते दिए गए थे। इन ताश के पत्तों को एक बार दिखा कर पलट दिया गया था। उसके बाद बिना देखे उन सभी पत्तों को पहचानना था। ये अनोखा कारनामा आराध्या जगताप ने महज 1 मिनट 9 सेकेंड में कर रिकॉर्ड बना दिया। इसके अलावा आराध्या जगताप ने एक मिनट में 180 बाइनरी कोड और 2.27 मिनट में 300 बाइनरी कोड पहचान कर एक अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: शिवाजी पार्क में उद्धव गुट को मिली दशहरा रैली की इजाजत, कांग्रेस ने दी बड़ी प्रतिक्रिया
बता दें कि आराध्या जगताप ने ये दोनों ही रिकॉर्ड अगस्त और सितंबर महीने में बनाएं थे। हालांकि इसका एलान अब हुआ है। इस वर्ल्ड रिकॉर्ड का एलान के साथ वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड स्विट्जरलैंड की अध्यक्ष पूनम जेझलर और रिकॉर्ड के मुख्य विल्हेम जेझलर ने आराध्या जगताप को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। इस दौरान भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी भी मौजूद थी और आराध्या जगताप को अवार्ड देकर सम्मानित किया।
घरवालों के मुताबिक, आराध्या जगताप बचपन से ही बहुत तेज है। आराध्या जगताप का मन पढ़ाई में भी बहुत लगता है और ज्यादातर समय मैथ्स के प्रश्नों को हसॉल्व करने में बिताती है। बड़ी होकर आराध्या जगताप साइंटिस्ट बनना चाहती है। आराध्या जगताप को नृत्य, चित्रकला, मेडिटेशन, बैडमिंटन, साइकिल चलाना काफी अच्छा लगता है।