इस महीने की 7 तारीख को नीट परीक्षा का रिजल्ट घोषित हुआ। जिसके बाद छात्रा ने ऑनलाइन चेक किया। उम्मीद के मुताबिक उसे 570 नंबर मिले थे लेकिन जब उसने दूसरे दिन दोबारा चेक किया, तो 129 नंबर ही दिख रहे थे। इसके बाद छात्रा ने NTA को इस मामले में मेल किया लेकिन कोई भी जवाब नहीं आया।
मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम नीट यूजी रिजल्ट पिछले सप्ताह जारी कर दिए गए हैं। अब रिजल्ट में गड़बड़ी की शिकायत भी उठती दिख रही है। नीत परीक्षा के रिजल्ट में बड़ी गड़बड़ी की खबर आई है। मामला भी थोड़ा अजीब है। महाराष्ट्र की स्टूडेंट देवती मोरे का कहना है कि जब उसने पहली बार ऑफिशियल वेबसाइट पर अपना रिजल्ट चेक किया तो उसे 720 में से 570 नंबर मिल रहे थे। लेकिन दूसरे दिन जब उसने दोबारा उसी वेबसाइट पर नीट यूजी रिजल्ट देखा, तो स्कोरकार्ड में सिर्फ 129 नंबर ही दिख रहे थे।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट का रिजल्ट यूजी की घोषणा 7 सितंबर की रात को की थी। रिजल्ट से पहले नीट आंसर-की और ओएमआर शीट जारी की गई थी। इसके बाद से छात्रा और उसके परिवार वाले सदमे में हैं। छात्रा ने इस बाबत एनटीए को मेल किया लेकिन कोई भी जवाब नहीं आया। यह भी पढ़ें: Pune News: नग्न अवस्था में दूसरे के घर में घुसा शख्स, नाबालिग से की छेड़खानी; जानें पूरा मामला
बता दें कि लगभग 18 लाख स्टूडेंट्स के साथ महाराष्ट्र के चंद्रपुर की रहने वाली देवती मोरे ने भी इस साल नीट का एग्जाम दिया था। मीडिया से बात करते हुए देवती ने बताया कि जब रिजल्ट आया तो उसने एनटीए नीट की ऑफिशियल वेबसाइट पर अपना रिजल्ट देखा। मोबाइल स्क्रीन पर रिजल्ट खुलते होते ही पूरा परिवार बेहद खुश हो गया था। देवती को नीट में कुल 720 में से 570 नंबर मिले थे। रिजल्ट देखकर ये पक्का हो गया था कि उसे एमबीबीएस में दाखिला मिल जाएगा।
लेकिन देवकी ने जब दूसरे दिन रिजल्ट चेक किया तो परिवार वालों के पैरों तले जमी खिसक गई। देवती के बताया कि देर रात नीट यूजी का रिजल्ट आया था। तब रिजल्ट डाउनलोड नहीं हो पा रहा था। अगली सुबह जब उसने फिर मार्क डाउनलोड करने के लिए वेबसाइट खोला तो उसे बड़ा झटका लगा। पूरा परिवार हैरान हो गया। स्कोरकार्ड में देवती के कुल नंबर महज 129 ही लिखे थे।
देवती का कहना है कि रिजल्ट से पहले जब उसने नीट ओएमआर शीट और उत्तर की चेक की थी, तो भी उसके मुताबिक देवती को करीब 570 मार्क्स मिल रहे थे। उसने इस गड़बड़ी को लेकर एनटीए में शिकायत की, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। अगर इसका हल नहीं निकला तो देवती को एमबीबीएस में एडमिशन नहीं मिलेगा।