महाराष्ट्र के करीब 56 शहरों में मुस्लिमों का सर्वेक्षण होने की खबर सामने आ रही है। इस सर्वेक्षण को लेकर जल्द ही शिंदे-फडणवीस सरकार एक्शन में आने वाली है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की तर्ज पर सर्वेक्षण करवाए जाएंगे।
महाराष्ट्र के करीब 56 शहरों में मुस्लिमों का सर्वेक्षण होने की खबर सामने आ रही है। खबर है कि जल्दी ही मुस्लिम समुदायों के बारे में सारी जानकारियां इकट्ठी की जाएंगी। मुस्लिम रिजर्वेशन कैंसिल करने वाली शिंदे-फडणवीस सरकार ने महाराष्ट्र के इन शहरों में मुस्लिम सर्वेक्षण किए जाने का फैसला किया है। 9 सालों से सर्वेक्षण की यह प्रोसेस लटका हुआ है। उत्तर प्रदेश में मदरसों का सर्वेक्षण जारी है। हालांकि ऐसे किसी फैसले से राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इनकार किया है।
इस बीच आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच तनाव कम करने का प्रयास के तहत मुस्लिमों में स्वीकार्यता रखने वाले मुस्लिम हस्तियों से मुलाकातें कर रहे हैं। ऐसे में यह चर्चा जारी है कि बीजेपी और आरएसएस मुस्लिमों का भरोसा जीतने का प्रयास कर रही है। ऐसे में सूत्रों से मिली जनकारी के मुताबिक, अब मुस्लिम सर्वेक्षण की बात भी सामने आ रही है। यह भी पढ़ें: Mumbai News: रेलवे स्टेशनों पर जल्द लगाई जाएंगी 'वाटर वेंडिंग मशीन', यात्रियों को सस्ते में मिलेगा पानी
बता दें कि महाराष्ट्र के जिन 56 शहरों में सर्वेक्षण होने वाला है, उनमें सोलापुर, औरंगाबाद और नांदेड़ जैसे शहर होंगे। मुस्लिमों की बस्ती और मोहल्ले कैसे हैं, उनमें लोगों को सुविधाएं कैसे पहुंच रही हैं? उनमें शिक्षा का प्रसार किस हद तक हुआ है? स्वास्थ्य, रोजगार, बैंक और फाइनांशियल सपोर्ट, सरकारी योजनाओं का फायदे कैसे मिल रहा है? इन सबसे जुड़े डेटा कलेक्ट किए जाएंगे।
महाराष्ट्र में साल 2013 में कांग्रेस-एनसीपी की सरकार थी। तब मोहम्मद उर रहमान के नेतृत्व में मुस्लिम समुदायों के जीवन स्तर को और बेहतर बनाने के लिए एक समिति गठित की गई थी। इसी समिति ने अपनी रिपोर्ट में मुस्लिम आबादी के सर्वेक्षण की राय सामने रखी थी। पिछले एक दशक से इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया। तीन महीने पहले आई सरकार अब यह काम करने जा रही है। इसके पीछे की वजह क्या है, इस पर कयास लगाए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र में करीब 56 शहरों में मुस्लिमों की संख्या ज्यादा है। महाराष्ट्र में कुल मुस्लिम आबादी करीब 10.6 प्रतिशत है। इनमें से 70 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है। महाराष्ट्र की कुल मुस्लिम आबादी की 21.6 प्रतिशत आबादी मुंबई में रहती है। सरकारी सेवाओं में मुस्लिमों की हिस्सेदारी 11 प्रतिशत है। 70 प्रतिशत मुस्लिम किसी ना किसी कौशल में विशेषज्ञ हैं।