महाराष्ट्र में अक्टूबर महीने में हुई बारिश से सीएम एकनाथ शिंदे ने किसानों के नुकसान की भरपाई का की घोषणा की है। बुधवार के मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। अक्टूबर महीने में लौटते मानसुन के कहर से एक अनुमान के मुताबिक करीब 25 लाख हेक्टेयर की जमीन को नुकसान हुआ है।
महाराष्ट्र के किसानों को भारी बारिस की वजह से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अब तक करीब 4700 करोड़ रुपए की रकम दिए जाने के बाद अब अक्टूबर में लौटते मानसून के कहर से हुए नुकसान के लिए भी भरपाई करने का फैसला बुधवार को राज्य सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। इसका एलान सीएम एकनाथ शिंदे ने किया। पिछले महीने में लौटते मानसुन के कहर से एक अनुमान के मुताबिक करीब 25 लाख हेक्टेयर की जमीन को नुकसान हुआ है। इस अवसर पर सीएम शिंदे ने बताया कि अब तक लगभग 750 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।
सीएम शिंदे ने कहा कि आज तक किसी ने लगातार भारी बारिश की वजह से हुए काफी नुकसान के लिए इस तरह से किसानों को किसी भी प्रकार का कोई भी राहत नहीं दी थी। लेकिन उनकी सरकार ने किसानों को इस तरह से अधर में ना छोड़ा और ना ही आगे छोड़ेंगे। यह भी पढ़े: Maharashtra News: रिपोर्टर ने नहीं लगाई थी बिंदी, संभाजी भिड़े ने इंटरव्यू देने से किया इनकार; महिला आयोग ने भेजा नोटिस
बता दें कि सीएम शिंदे ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को नुकसान का पंचनामा जल्द ही पूरा करने का आदेश दिया है। ताकि पंचनामे के आधार पर किसानों को राहत की रकम जल्द से जल्द पहुंचाई जा सके। राहत और पुनर्वसन विभाग की जानकारियों के मुताबिक, इस साल जून-जुलाई से शुरू हुई बारिश से हुए नुकसान ग्रस्त 40 लाख 15 हजार 847 किसानों को करीब 4700 करोड़ की मदद की जा चुकी है। 2 हेक्टेयर वाली जमीन के किसानों की शर्तें बढ़ा कर 3 हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है।
भारी बारिस से हुए खेती के नुकसान के पंचनामे की कार्रवाई अपने आखिरी चरणों में है। सीएम शिंदे ने बताया कि राज्य सरकार किसानों के लिए पूरी तरह संवेदनशील है और उनकी बेहतरी के लिए कोशिश कर रही है। इस बार भी जो नुकसान हुआ है, उसका हमें पूरा ध्यान है। बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में खेती को हुए नुकसान की पूरी जानकारी ली गई। अक्टूबर में भी हुई नुकसान की भरपाई के लिए राज्य राहत निधि दुगनी दर से 3 हेक्टेयर तक के मालिकाना हक वाले किसानों को देने का निर्णय लिया गया हैं।