
कल यानी शुक्रवार को मुंबई से सटे ठाणे के कुछ इलाकों में दूध वितरण प्रभावित हो सकता है, क्योंकि वेंडर्स ने उन कंपनियों के विरोध में काम बंद करने की धमकी दी है, जिन्होंने इस साल कई बार दूध के दामों में वृद्धि के बावजूद उनका कमीशन नहीं बढ़ाया है। बुधवार को ठाणे दूध विक्रेता संघ के प्रतिनिधि दिनेश घडगे ने बताया कि हम शुक्रवार को दूध वितरित नहीं करने की योजना तैयार कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिनेश घडगे ने कहा कि हमने हमारी पहल का समर्थन करने के लिए मॉल और ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों से भी अपील की हैं। रिपोर्ट की माने तो पिछले चार सालों में दूध के रेट में 18 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं ठाणे सिटी मिल्क कमर्शियल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि दूध बेचने वालों को कंपनी से कमीशन नहीं मिल रहा है। जिसकी वजह से दिवाली से पहले ठाणे में दूध बंदी के संकेत मिल रहे हैं और इससे ठाणेकरों की दिक्कत हो सकती हैं। यह भी पढ़े: Pune News: डॉक्टर की पहचान चुराकर फाइनेंस कंपनी से उठा लिया कर्ज, इस तरह हुआ मामले का खुलासा
बता दें कि पदाधिकारियों ने आगे बताया कि ठाणे शहर में रोजाना करीब दस लाख लीटर दूध की आपूर्ति अलग-अलग दूध कंपनियों के जरिए से होती है। यह दूध ठाणे शहर के लगभग सात सौ दूध विक्रेताओं के जरिए ठाणे तक पहुंचाया जाता है। दूध उत्पादक कंपनियां अक्सर दूध के दामों में वृद्धि कर रही हैं। ये विक्रेता कई सालों से बेहद गंभीर स्थिति में कारोबार कर रहे हैं। दूध की प्रति बोरी केवल दो प्रतिशत ही कमीशन वेंडरों को मिल रहा है।
कुछ दिनों पहले अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए। अमूल ब्रांड के तहत दूध के उत्पादों की बिक्री करने वाली जीसीएमएमएफ ने अमूल गोल्ड और भैंस के दूध की कीमत में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का एलान किया। अमूल गोल्ड की कीमत अब 61 रुपये से बढ़कर 63 रुपये प्रति लीटर हो गई है जबकि भैंस के दूध की कीमत 63 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति लीटर हो गई है।