
बेटे आदित्य ठाकरे के साथ उद्धव ठाकरे (Photo: IANS/File)
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना (उबाठा) के कई सांसदों के पाला बदलने और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। इन खबरों के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे अलर्ट हो गए हैं। उन्होंने स्थिति को संभालने के लिए अपने सभी लोकसभा सांसदों को शनिवार को ही मुंबई तलब कर लिया था, जिसके बाद रविवार दोपहर को उनके बांद्रा पूर्व स्थित आवास 'मातोश्री' पर अहम बैठक बुलाई गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को ‘ऑपरेशन टाइगर’ को रोकने की पहल समझा जा रहा है।
पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिवसेना (उद्धव गुट) के अधिकांश सांसद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। इस बीच उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। इस बैठक में कितने सांसद शामिल होते हैं, इस पर सभी की नजरें रहेंगी। खासकर ऐसे समय में जब कुछ सांसद हाल की पार्टी बैठकों में नदारद रहे हैं।
आज की बैठक मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित ठाकरे के ‘मातोश्री’ निवास पर होगी, जहां पार्टी की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
शिवसेना (उबाठा) के लोकसभा में कुल 9 सांसद हैं। यदि किसी प्रकार की टूट होती है तो दल-बदल कानून के तहत कम से कम 6 सांसदों का समर्थन आवश्यक होगा, जो दो-तिहाई संख्या के बराबर है।
यही वजह है कि रविवार की बैठक को पार्टी की एकजुटता की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। यदि सभी सांसद बैठक में उपस्थित रहते हैं तो इससे पार्टी नेतृत्व को राहत मिल सकती है, जबकि अनुपस्थित रहने वाले सांसदों को लेकर अटकलें और तेज हो सकती हैं।
हाल ही में दिल्ली में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन चर्चाओं को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव समाप्त हो चुके हैं और अब किसी प्रकार के संख्या बल या राजनीतिक गणित की आवश्यकता नहीं है।
दूसरी ओर शिंदे खेमे के नेता व राज्य सरकार में मंत्री प्रताप सरनाइक ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह कोई अस्थायी अभियान नहीं, बल्कि 24 घंटे और साल के 365 दिन चलता रहता है।
वर्तमान में एकनाथ शिंदे की शिवसेना सात सांसदों के साथ केंद्र में भाजपा की तीसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बगावत और उसके 28 में से 20 सांसदों द्वारा कथित तौर पर भाजपा को समर्थन दिए जाने की चर्चाओं ने राष्ट्रीय राजनीति का गणित बदल दिया है। ऐसे में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को केवल राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि शिवसेना (उबाठा) के एक सांसद ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक नियमित बैठक है और इसका किसी संभावित राजनीतिक टूट या दल-बदल की चर्चाओं से कोई संबंध नहीं है।
इसके बावजूद महाराष्ट्र की राजनीतिक फिजा में रविवार की बैठक को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मातोश्री में कितने सांसद पहुंचते हैं और बैठक के बाद पार्टी की ओर से क्या संदेश दिया जाता है।
Updated on:
14 Jun 2026 11:47 am
Published on:
14 Jun 2026 11:38 am
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