महाराष्ट्र में सियासी हंगामा रूकने का नाम नहीं ले रहा हैं। शिंदे गुट के विधायकों पर पचास-पचास करोड़ लेकर बीजेपी को समर्थन देने का आरोप लगाने वाले एमवीए नेताओं की मुसीबतें बढ़ सकती है। शिंदे गुट इन नेताओं को नोटिस भेजने वाला है। शिंदे गुट की मांग है कि या तो आरोप सिद्ध करो या फिर माफी मागों। अगर माफी नहीं मांगी तो फिर 2500 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा पेश किया जाएगा।

महाराष्ट्र में सियासी हंगामा रूकने का नाम नहीं ले रहा हैं। सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले ‘बालासाहेबांची शिवसेना गुट’ के प्रवक्ता विजय शिवतारे ने बताया कि शिंदे गुट के समर्थक 50 विधायकों में से हर एक विधायक एनसीपी नेता अजित पवार, सुप्रिया सुले और आदित्य ठाकरे के खिलाफ 50 करोड़ का मानहानि का दावा ठोंकने जा रहे हैं। एकनाथ शिंदे तकरीबन चार महीने शिवसेना के 40 विधायकों समेत 10 निर्दलीय विधायकों के साथ बड़ी बगावत की थी। जिसकी वजह से उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा था।
शिंदे खेमे के इन पचास विधायकों पर विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि इन्होंने पचास-पचास करोड़ रुपए लेकर उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत की है। विजय शिवतारे ने कहा कि ये सभी पचास विधायक अलग-अलग इन तीनों नेताओं के खिलाफ पचास करोड़ की मानहानि का दावा करने जा रहे हैं। यह भी पढ़े: BMC Election: मुंबई में वोट बैंक की राजनीति गरमाई, 'मराठी मुस्लिम' के बाद अब 'उत्तर भारतीयों' को रिझाने में जुटा उद्धव खेमा
शिवसेना में पड़ी फूट के बाद तब से लेकर आज तक उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच में सियासत को लेकर कोर्ट तक जंग शुरू है। इसी सत्ता परिवर्तन के लिए महा विकास आघाडी के तीनों कोणों की ओर से यह आरोप लगाया जाता है कि शिंदे के साथ गए तमाम बागी विधायकों ने 50 करोड़ लेकर बीजेपी को समर्थन दिया और उनके साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाई।
इन्हीं आरोपों को ध्यान में रखते हुए अब एकनाथ शिंदे गुट ने महाविकास अघाड़ी के तीनों दलों के नेताओं को घेरने की योजना तैयार की है। इसके लिए एकनाथ शिंदे ने एक नए प्रवक्ता की नियुक्ति भी की है। इसके साथ ही आरोप लगाने वाले नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का भी मन बनाया है। शिंदे गुट 2500 करोड़ की मानहानि का नोटिस एमवीए नेताओं को भेजेगा।
बता दें कि विजय शिवतारे ने कहा कि एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा था कि अगर ऐसा ही आरोप उनपर लगाया जाता तो वे मानहानि का दावा करतीं और वो भी सबूत मांगती। हमने उनकी सलाह को गंभीरता से लिया है। अब हम उन तीनों के खिलाफ मानहानि का नोटिस देने जा रहे हैं। इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए युवा सेना के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि खोखे सरकार कहने पर उन्हें मिर्ची क्यों लगती है, पहले वे यह साफ करें। क्या मतलब है खोखे शब्द का? नोटिस ही देना है तो पहले उन 33 देशों को नोटिस दें, जहां शिंदे खेमे की बगावत को नोटिस किया गया।
शिंदे खेमे में होंगी शामिल दीपाली सैयद: बता दें कि ठाकरे गुट की अहम महिला नेता और मराठी अभिनेत्री दीपाली सैयद शनिवार तक शिंदे गुट में शामिल होने जा रही है। इस बात की घोषणा करते हुए आज उन्होंने इस खोखे वाले आरोप को ठाकरे परिवार की ओर मोड़ दिया और कहा कि माहौल बदल जाने के बाद बीएमसी की ओर से खोखे अब मातोश्री तक नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना नेता संजय राउत को उनके पापों की सजा मिली है। बयान दे-देकर कैसे शिवसेना को समाप्त किया जाता है, संजय राउत इसकी मिसाल हैं।