शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। शिवसेना के पूर्व प्रमुख बाल ठाकरे के आवास 'मातोश्री' में लगभग 30 सालों तक सेवा करने वाले चंपा सिंह थापा और मोरेश्वर राजे सोमवार को यहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट में शामिल हो गए।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। शिवसेना के पूर्व प्रमुख बाल ठाकरे के आवास 'मातोश्री' में करीब 30 सालों तक सेवा करने वाले चंपा सिंह थापा और मोरेश्वर राजे सोमवार को शिंदे गुट में शामिल हो गए। बाल ठाकरे के भरोसेमंद रहे चंपा सिंह थापा ने नवंबर 2012 में बाल ठाकरे की मौत से पहले 27 साल तक लगातार उनकी सेवा की थी। चंपा सिंह थापा को ठाकरे परिवार में सदस्य का दर्ज मिला था। बाल ठाकरे के लिए 'मातोश्री' में फोन कॉल उठाने वाले मोरेश्वर राजे ने करीब 35 साल मातोश्री में बिताए थे।
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने चंपा सिंह थापा और मोरेश्वर राजे को शॉल भेंट कर उनका स्वागत किया और अभिवादन किया। शिंदे ने कहा कि नवरात्र के इस पावन अवसर पर हर कोई खुश है कि त्योहारों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। बहुत उत्साह है और जो समय की आवश्यकता है। चंपा सिंह थापा और मोरेश्वर राजे के शामिल होने से उत्सव के इस सुखद माहौल में और बढ़ोतरी हुई है। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: महाराष्ट्र के लिए बीजेपी तैयार कर रही खास प्लान, 98 सीटों पर है पार्टी की निगाहें
बता दें कि चंपा सिह थापा का शिंदे गुट में होने से ठाकरे परिवार के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। चंपा सिंह थापा के शिंदे गुट में प्रवेश होने से सकारात्मक बढ़त बताई जा रही है क्योंकि थापा को बालासाहेब की छाया कहा जाता था। चंपासिंह थापा को कई सालों तक बालासाहेब के वफादार सेवक के रूप में देखा जाता था। शिंदे ने कहा कि दोनों ने उनके गुट में शामिल होने का फैसला किया क्योंकि वह असली शिवसेना का प्रतिनिधित्व करते हैं और शिवसेना संस्थापक और हिंदुत्व की शिक्षाओं को आगे बढ़ा रहे हैं।
चंपा सिंह थापा का परिवार नेपाल से है। थापा हर साल अपने परिवार से मिलने जाते हैं। चंपासिंह थापा ने नेपाल में शिवसेना की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। सीएम शिंदे ने आगे कहा कि बाला साहेब सीधी-सादी बातें करते थे, साफ बोलते थे। जनता बालासाहेब को अच्छी तरह जानती थी और इसलिए उन्होंने एमवीए के तहत कांग्रेस और एनसीपी के साथ शिवसेना के गठबंधन को स्वीकार नहीं किया। पालघर जिला परिषद के अध्यक्ष वैदेही वडन और स्थानीय निकाय के कुछ सदस्य भी इस अवसर पर शिंदे गुट में शामिल हुए।