
कॉमेडी करते समय मर्यादा न लांघें- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)
स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो से जुड़े विवाद ने अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में महाराष्ट्र साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉमेडियन प्रणित मोरे (Comedian Pranit More), हिमांशु जांगड़ा (Himanshu Jangra) और डॉ सेजल पवार (Sejal Pawar) समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर सामाजिक मर्यादाओं को पार नहीं किया जा सकता।
महाराष्ट्र साइबर ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कथित अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के मामले में नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75(1)(iv), 75(3), 294, 353(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत आरोप लगाये गए हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित वीडियो में महिलाओं, सहमति और मृत व्यक्तियों को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जो सामाजिक मानदंडों के खिलाफ हैं।
यह विवाद तब और बढ़ गया जब कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें हिमांशु जांगड़ा कथित तौर पर डेट पर लड़की के लिए 370 रुपये की बिरयानी का खर्च के बदले संबंध बनाने का फेवर मिलने जैसी टिप्पणी करते नजर आए। महाराष्ट्र साइबर के अनुसार, इस तरह की टिप्पणी महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है।
इसके बाद शो का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें मुंबई के प्रतिष्ठित केईएम (KEM) अस्पताल की डॉक्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर डॉ. सेजल पवार मेडिकल कॉलेज के दिनों का एक अनुभव साझा करती दिखाई दीं। वीडियो में उन्होंने दावा किया था कि मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए दान किए गए पुरुष शवों के निजी अंगों को देखकर छात्र मजाक किया करते थे। इस बयान को लेकर भी सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद KEM अस्पताल ने भी जांच के आदेश दिए हैं। इस बीच, डॉक्टर सेजल ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी है, लेकिन उनकी मुश्किलें कम नहीं हो रही।
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, लेकिन उसके साथ कुछ जिम्मेदारियां और सीमाएं भी तय की गई हैं। फडणवीस ने कहा कि जब अभिव्यक्ति अनियंत्रित हो जाती है, तो वह समाज में लोगों के सम्मान और गरिमा के अधिकार को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने कहा, "हर कोई स्टैंड-अप कॉमेडी का आनंद लेता है। मैं भी स्टैंड-अप कॉमेडी देखता हूं। लेकिन मनोरंजन के लिए सामाजिक मर्यादाओं और सम्मान की सीमाओं का उल्लंघन करना उचित नहीं है। ऐसा करना लोगों के साथ अन्याय होगा।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कॉमेडी करते समय कम से कम गरिमा और शालीनता के न्यूनतम मानकों का पालन किया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र साइबर ने कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की लगातार निगरानी की जा रही है और यदि कोई कंटेंट कानून, सार्वजनिक व्यवस्था या सामाजिक हितों के खिलाफ पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रणित मोरे मामले की जांच जारी है और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विवादित वीडियो के निर्माण, प्रसारण और प्रचार में किन-किन लोगों की भूमिका रही। उसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
12 Jun 2026 05:45 pm
Published on:
12 Jun 2026 05:44 pm
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