उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना खेमे को बीती रात तब बड़ा झटका लगा जब केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह 'धनुष-बाण' यानी ‘तीर-कमान’ के उपयोग पर पाबंदी लगा दी। शिवसेना चुनाव चिन्ह धनुष-बाण फ्रीज किए जाने के बाद रविवार को उद्धव ठाकरे ने फेसबुक लाइव से जनसंवाद किया। उन्होंने इलेक्शन कमीशन से फौरन एक चुनाव चिन्ह और नाम देने की मांग की।
शनिवार को केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा शिवसेना चुनाव चिन्ह धनुषबाण फ्रीज किए जाने के बाद उद्धव ठाकरे ने आज फेसबुक लाइव के जरिए लोगों से जनसंवाद किया। शिवसैनिकों के साथ किए गए इस संबोधन में उन्होंने कहा कि आज मैं अपने परिवार से संवाद साध रहा हूं। सबकुछ करने के बाद भी कुछ लोग नाखुश होकर चले गए। कुछ लोगों ने हमारे साथ गद्दारी की है। जिन्हें सीएम की गद्दी पर बैठना था वे, वो पद लेकर बैठ गए। वे अब शिवसेना पार्टी प्रमुख होने का सपना देख रहे हैं। कई बार हमने सहन किया। लेकिन अब सहन नहीं होता हैं।
जनसंवाद में उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि शिवाजी पार्क में शिवसेना की दशहरा रैली ना हो, इसके लिए पूरी कोशिश की गई। लेकिन दशहरा रैली हुई। दो रैलियां हुई। लेकिन जिसमें से एक दशहरा रैली फाइव स्टार रैली थी। वहीं, हमारी दशहरा रैली अभूतपूर्व थी। निष्ठा खरीदी नहीं जा सकती, वो हमें दशहरा रैली में साफ नजर आई। इसके लिए मैं आप लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं। यह भी पढ़ें: Pune News: पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, शव को जंगल में दफनाया; पुलिस ऐसे उठाया राज से पर्दा
उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना नाम मेरे दादा ने दिया था। पहली चुनावी जीत शिवसेना को ठाणे ने दी थी। वसंतराव मराठे पहले पार्षद बने। कुछ लोगों को ऐसा लगता है उनके दम पर पार्टी यहां तक पहुंची है। उनका सोचना गलत हैं। कुछ लोगों ने पार्टी के लिए योगदान दिया है। लेकिन कुछ लोगों ने अपनी मां समान पार्टी की छाती पे खंजर घोंपा है। जिस नाम ने उन्हें सब कुछ दिया वो नाम, वो पहचान उन्होंने फ्रीज करवा दी।
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि इलेक्शन कमीशन ने कल जो ने शिवसेना चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया। यह कुछ ऐसी बात हुई कि प्रभु श्रीराम का धनुष-बाण चालीस सर वाले रावण ने तोड़ दिया। शिवसेना से ही अपनी पहचान पाकर उन्होंने शिवसेना का ही ‘धनुष-बाण’ फ्रीज करवा दिया। इस ‘धनुष-बाण’ को टूटने की खुशी महाशक्ति को ज्यादा हो रही होगी। शिवसेना को तोड़ कर उनको क्या मिला? ‘मिंधे गुट’ का बीजेपी कैसे कर रही है उपयोग, यह देखने लायक है। जब उनका उपयोग समाप्त हो जाएगा, तब उनका क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। बोतल खत्म होने के बाद उसे डस्टबिन में फेंक दिया जाता है।
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि शिवसेना को समाप्त करने का काम कांग्रेस ने तो कभी नहीं किया, लेकिन आपने किया। कुछ समय के लिए ही सही लेकिन आपने चुनाव चिन्ह फ्रीज करवा दिया, शिवसेना नाम फ्रीज करवा दिया। अब जब सुप्रीम कोर्ट में जिन 16 विधायकों को अयोग्य ठहराने का जो मामला चल रहा है, उसमें अगर वे अयोग्य ठहराए गए तो यह चिन्ह फ्रीज करने की जिम्मेदारी कौन लेगा? कोई बात नहीं। इसे हम एक चुनौती की तरफ ले रहे है। संकट में ही सफलता के बीज छुपे होते है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमने इलेक्शन कमीशन को पार्टी के लिए तीन नए नाम और तीन चुनाव चिन्ह के सुझाव दिए हैं। हमारी मांग है कि हमें इलेक्शन कमीशन जल्द से जल्द कोई एक नाम और पहचान दे दे। बता दें कि उद्धव ठाकरे ने तीन नाम शिवसेना बालासाहेब ठाकरे, शिवसेना बालासाहेब प्रबोधनकार ठाकरे, शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे बताए हैं। इसके अलावा उद्धव ठाकरे ने तीन चुनाव चिन्ह त्रिशूल, उगता सूरज, मशाल भी दिखाए हैं।