महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक गांव में पिछले कुछ दिनों से जमीन के नीचे से एक रहस्यमयी आवाज गांववालों को सुनाई दे रही है। इस आवाज को सुनकर गांववालें काफी डरेंऔर परेशानी में आ गए है। जिला प्रशासन की टीम ने वैज्ञानिकों से इसका कारण पता लगाने की अपील की है।
महाराष्ट्र के लातूर जिले से अजीबो-गरीब मामला सामने आ रहा है। लातूर जिले का एक गांव हसोरी इन दिनों दहशत में है। इस दहशत का कारण वहां जमीन के नीचे से आने वाली रहस्यमयी आवाजें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस महीने की 6 तारीख से ही धरती के नीचे आवाज सुनी दे रही है। इस रहस्यमय घटना से गांव के लोग काफी डरे और परेशान हैं। जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी गांव पहुंचे और जानने का प्रयास किया कि आखिर ये आवाज कहां से आ रही है। अधिकारी भी हैरान रह गए और बैरंग लौट गए। लातूर के जिला कलेक्टर पृथ्वीराज बीपी ने मंगलवार को गांव का दौरा किया और लोगों से न घबराने की अपील की।
पिछले कुछ दिनों से लातूर जिले का हसोरी गांव नेटफ्लिक्स सीरीज 'स्ट्रेंजर थिंग्स' के किसी प्लाट जैसा नजर आ रहा है। इसका कारण यहां आती धरती के नीचे से रहस्यमयी आवाजें हैं। यहां के लोग इन आवाजों को सुनकर काफी हैरान हो रहे हैं। ये आवाजें पूरे गांव में कहीं भी सुनी जा सकती हैं। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: पिता बना हैवान, अश्लील वीडियो दिखाकर करता था नाबालिक बेटी के साथ दुष्कर्म; आरोपी गिरफ्तार
जिला के अधिकारियों के मुताबिक, इन आवाजों के बारे में वैज्ञानिक जानकारी और स्पष्टता के लिए उन्होंने भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान के विशेषज्ञों को इसके बारे में सूचित किया है। इसके साथ ही इन विशेषज्ञों से इस मामले को देखने की भी अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ के स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों का एक दल भी गांव का दौरा किया। उन्होंने बताया गया कि कुछ साल पहले भी इसी तरह की आवाज रात के समय आई थी। तब पूरा गांव डर गया था और लोग भूकंप की आशंका में घऱ से बाहर निगल गए थे। हालांकि भूकंप नहीं आया था।
1993 में हुई थी भारी तबाही: बता दें कि लातूर जिले के हसोरी गांव किलारी से 28 किमी दूरी पर है। किलारी वही जगह है जहां करीब 19 साल पहले एक भयंकर भूकंप आया था। इस भूकंप में 9700 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों का कहना है कि इसके बाद इस इलाके में कोई भूकंपीय गतिविधि नहीं हुई है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, यहां 6 सितंबर से जमीन के अंदर से तेज आवाजें सुनाई दे रही हैं। इस वजह से ग्रामीण डरे हुए और परेशान हैं।