पाकिस्तान से तनाव के बीच महाराष्ट्र सरकार अलर्ट मोड पर है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए आईएमए ने राज्य के अस्पतालों को आपात स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।
भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। यही वजह है कि पाकिस्तानी सेना जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारी गोलाबारी कर रही है, हालांकि भारतीय सेना इसका मुंहतोड़ जवाब दे रही है। शुक्रवार को भी पाकिस्तान ने ड्रोन के जरिए हवाई हमला करने की असफल कोशिश की। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर महाराष्ट्र में स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और कई अन्य विभागों के शीर्ष अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। वहीँ, भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने राज्य के चिकित्सकों से नागरिकों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह तत्पर रहने का आग्रह किया है।
आईएमए ने सभी सदस्य क्लीनिक, नर्सिंग होम और अस्पतालों को आवश्यक आपातकालीन दवाइयों, पट्टी करने के लिए आवश्यक सामग्रियों और जीवन रक्षक दवाइयों का भंडार रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन कार्यबल स्थापित करने के लिए भी कहा है। आईएमए की महाराष्ट्र इकाई ने एक बयान में कहा, राष्ट्रीय संकट के क्षणों में हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की ताकत केवल बुनियादी ढांचे में नहीं, बल्कि इसके डॉक्टरों की तत्परता और सेवा भावना में निहित है।
बता दें कि पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत में जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक 26 स्थानों पर ताजा ड्रोन हमले किए। हालांकि इन हमलों को भारत ने विफल कर दिया। जबकि फिरोजपुर में एक पाकिस्तानी ड्रोन का मलबा एक घर पर गिर जाने के कारण तीन लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी ड्रोन से निकली मिसाइल को सेना की वायु रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया लेकिन ये मिसाइल खाई फेमे के गांव में एक घर पर गिर गई, जिससे उस घर में मौजूद परिवार के तीन लोग झुलस गए।
इससे पहले भारत ने गुरुवार रात को जम्मू, पठानकोट, उधमपुर और कुछ अन्य स्थानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला करने की पाकिस्तानी सेना की कोशिश को नाकाम कर दिया था।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने मंगलवार और बुधवार की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी।