Palghar Vasai News: लड़की के परिवार ने 14 अगस्त को पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार को शक है कि आरोपी ने महिला के शव को गुजरात के वापी शहर में ठिकाने लगाया है।
Live-In Partner Crime: मुंबई के करीब मीरा रोड में मनोज साने द्वारा अपनी लिव-इन पार्टनर की बेरहमी से हत्या करने की घटना का पर्दाफाश होने के बाद अब वसई (Vasai News) से भी ऐसी ही चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पालघर जिले (Palghar) में रहने वाली 43 साल की शख्स ने अपने लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 28 वर्षीय मृतक महिला ने अपने लिव-इन पार्टनर के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई थी। जिससे नाराज होकर शख्स ने उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी ने 9 से 12 अगस्त के बीच महिला की हत्या की। हालाँकि महिला का शव अभी तक नहीं मिला है। यह भी पढ़े-मीरा रोड मर्डर: सेक्स एडिक्ट है सरस्वती का हत्यारा मनोज, खरीदा था मार्बल कटर, अब तक 35 टुकड़े मिले
14 अगस्त को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज
पुलिस ने बताया कि महिला ने लिव-इन पार्टनर के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करायी थी। जिसके बाद 43 वर्षीय आरोपी ने कथित तौर पर उसे मार डाला और शव को ठिकाने लगा दिया। पीड़िता के शव की तलाश जारी है।
नायगांव पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित परिवार ने 14 अगस्त को थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार को शक है कि आरोपी ने महिला के शव को गुजरात के वापी शहर में ठिकाने लगाया है। आरोपी के खिलाफ मीरा भयंदर-वसई विरार पुलिस सीमा के एक और थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस भी दर्ज है।
क्यों की हत्या?
उधर, इस मामले ने मीरारोड के हत्याकांड की भयानक यादें ताजा कर दी हैं। वसई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी पालघर के वसई का रहता है। उसे महिला की हत्या के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ चल रही है।
वसई की सहायक पुलिस कमिश्नर पद्मजा बाड़े (Padmaja Bade) ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि महिला की ओर से रेप की शिकायत दर्ज कराए जाने की वजह से आरोपी गुस्से में था। जब महिला ने शिकायत वापस लेने से इनकार कर दिया था, तो व्यक्ति ने कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी।
अधिकारी ने बताया कि पीड़िता की बहन की शिकायत के बाद नायगांव पुलिस ने सोमवार को आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और धारा 201 (अपराध के सबूतों को गायब करना) के तहत एफआईआर दर्ज की। मामले की जांच जारी है।