गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस के इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर आवाज उठने लगी है और यह चिंगारी अब महाराष्ट्र तक पहुंच गई है। वैसे महाराष्ट्र कांग्रेस में लगातार गुटबाजी की खबरें सामने आती रही हैं। साथ ही नई नेताओं के नाराजगी की भी खबरें आ चुकी हैं। इसी बीच महाराष्ट्र कांग्रेस की कार्यकारिणी की बैठक में एक नेता ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अच्छा हुआ कि महा विकास अघाड़ी सरकार गिर गई।
Maharashtra Politics: गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस में भी आवाज उठने लगी है। महाराष्ट्र कांग्रेस की कार्यकारिणी की बैठक में एक नेता के बड़े बयान ने हडकंप मचा दिया है। इस नेता ने कहा कि अच्छा हुआ राज्य महा विकास आघाड़ी सरकार गिर गई। ढाई सालों से सब पैसे खा रहे थ। इससे पहले महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगा था।
ज्ञात हो कि महाराष्ट्र कांग्रेस की कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुए नवी मुंबई के पूर्व डिप्टी मेयर रमाकांत म्हात्रे ने यह कह दिया कि ढाई सालों से पार्टी के सभी मंत्री बस पैसे खा रहे थे। कोई भी कार्यकर्ता मिलने जाता था तो उसे घंटों बाहर बिठा कर रखा जाता था। इसलिए राज्य में महा विकास आघाड़ी सरकार गिरने की अधिक खुशी हम जैसे आम कार्यकर्ताओं है।
गौर हो कि मुंबई में राज्य कांग्रेस समिति की कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले सहित अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सचिव आशीष दुआ, सोनल पटेल, एमवीए सरकार के कई पूर्व मंत्री, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए थे।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में कई नेताओं ने खुलकर अपनी बात पार्टी के सामने रखी है। हालांकि केंद्रीय नेताओं के सामने ऐसे आरोप लगने के आबाद पार्टी के भीतर फुट, गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। दूसरी तरफ बालासाहेब थोरात ने यह कहकर इसे टाल दिया है कि कुछ पदाधिकारियों में कुछ बातों को लेकर नाराजगी थी, लेकिन अब उन्हें दूर कर दिया गया है।