महाराष्ट्र में शिंदे कैबिनेट का विस्तार हो गया है। रविवार को मंत्रियों को उनका विभाग सौंप दिया गया है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए बड़ा खुलासा किया है।
महाराष्ट्र में शिंदे कैबिनेट का विस्तार हो गया है। रविवार को मंत्रियों को उनका विभाग सौंप दिया गया है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ा खुलासा किया है। शिंदे नेकहा है कि 2019 विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कभी भी शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का जिक्र नहीं किया था। साथ ही शिंदे ने उद्धव पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या सीएम वही होगा, जो सोने की चम्मच लेकर पैदा हुआ है? क्या मामूली कार्यकर्ता सीएम नहीं बन सकता है?
ठाणे स्थित काशीनाथ घाणेकर सभागार में सीएम शिंदे का जन सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। इस अवसर पर एकनाथ शिंदे ने शिवसेना से बगावत के अपने कदम को सही बताते हुए कहा है कि 2019 विधानसभा चुनाव में जनता ने बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बहुमत दिया था, इसलिए उन्हें ढाई साल पहले ही यह कदम उठाना चाहिए था। यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में ‘वंदे मातरम्’ कहने के आदेश पर नया विवाद, रजा अकादमी ने सुधीर मुनगंटीवार के फैसले का किया विरोध
बता दें कि इस समारोह में सीएम शिंदे ने कहा कि मैंने सीएम पद के लिए शिवसेना से बगावत नहीं की। मैं सीएम नहीं हैं, बल्कि खुद को आम कार्यकर्ता ही समझता हूं। मुंबई को राज्य से कोई अलग नहीं कर सकता, लेकिन कुछ लोग इसका राजनीतिक फायदा उठा रहे हैं। बालासाहेब ठाकरे राम मंदिर बनाने और आर्टिकल 370 की इच्छाएं पूरी हुई, लेकिन महाविकास आघाडी सरकार में होने की वजह से खुशी नहीं मना सके।
सीएम शिंदे ने आगे कहा कि हम कभी भी कांग्रेस-एनसीपी से गठबंधन नहीं करेंगे। हम इनके साथ सत्ता में होते, तो शिवसेना का क्या होता, यह किसी से पूछने की भी जरूरत नहीं। हम सभी धर्मो का दिल से सम्मान करते हैं और राज्य में किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। किसी को भी हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने का इजाजत नहीं दिया जाएगा। आने वाले सभी नगरपालिका चुनाव में बीजेपी और शिंदे गुट एक साथ मैदान में उतरेगा।