महाराष्ट्र का सियासी संकट अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। बीजेपी से रिश्ता तोड़ने की बात को याद करते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि मैं 2019 में ही सहयोगी दलों को खत्म करने की बीजेपी की नीति को वह समझ गया था।
महाराष्ट्र का सियासी संकट अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इस बीच बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बीजेपी से गठबंधन तोड़ने के फैसले का स्वागत शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने स्वागत किया। शुक्रवार को ठाकरे ने कहा कि '2019 में ही सहयोगी दलों को खत्म करने की बीजेपी का पूरा गेम प्लान वह समझ गए थे, नीतीश कुमार अब समझ गए। शुक्रवार को मुंबई में बीएमसी चुनाव से कुछ महीनों पहले उद्धव ठाकरे ने पूर्व पार्षदों से मुलाकात की।
इस बैठा मरीन शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैंने 2019 में ही सहयोगियों को खत्म करने की बीजेपी के गेम प्लान को समझ लिया था और इसलिए, राष्ट्रीय पार्टी के साथ गठबंधन खत्म कर दिया था। 2019 में जो मैंने समझा, वह अब नीतीश कुमार समझ गए हैं। यह भी पढ़ें: Gram Panchayat Election 2022: महाराष्ट्र के 608 ग्राम पंचायतों के लिए 18 सितंबर को मतदान, सीधे जनता द्वारा चुने जाएंगे सरपंच
कुछ दिनों पहले नितीश कुमार की जेडीयू ने बीजेपी के साथ गठबंधन से बाहर निकलकर बिहार में नई सरकार बनाने के लिए आरजेडी के साथ गठबंधन किया। शिवसेना नेताओं के मुताबिक, उद्धव ठाकरे ने नगरसेवकों को अपने चुनाव क्षेत्रों में काम पर ध्यान देने के लिए कहा, हालांकि फिलहाल वे अब नगरसेवक नहीं हैं, और लोगों के सामने आने वाले मुद्दों को जल्द से जल्द हल करें।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उन्हें स्थानीय स्तर के संपर्कों, लोगों के मुद्दों पर जोर देने और जमीनी स्तर पर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की सलाह दी है। उद्धव ठाकरे ने नगरसेवकों से कहा कि वे याद रखें कि बीएमसी चुनाव के लिए उनकी लड़ाई बीजेपी के साथ है, न कि शिंदे गट के साथ। ठाकरे ने शिंदे खेमे को नजरअंदाज करने को कहा है।
बता दें कि उद्धव ठाकरे ने नगरसेवकों से कहा कि जैसा कि साल 2017 में उन्होंने बीजेपी के खिलाफ बीएमसी चुनाव जीता था, वे इस बार भी जीत दर्ज करेंगे। ठाकरे ने एक नेता के हवाले से कहा “पिछली बार, शिवसेना और बीजेपी ने बीएमसी में एक-दूसरे के खिलाफ खड़े थे। पिछली बार भी शिवसेना ही जीती थी। इसलिए इस साल होने वाले बीएमसी चुनाव में जीत शिवसेना की ही होगी। हमारी लड़ाई बीजेपी के खिलाफ है। एक नेता के मुताबिक उद्धव ठाकरे ने हमसे कहा कि शिंदे गुट और बीजेपी द्वारा नियुक्त एजेंटों के जरिए दिए गए प्रस्तावों ना फसें।