महाराष्ट्र में जारी सियासी संग्राम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बताना चाहते हैं कि एकनाथ शिंदे के सीएम बनने के बाद से शिवसेना और शिंदे खेमे के बीच टकराव देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में अब 12 बागी सांसदों को अयोग्य करार करने की मांग शिवसेना ने की है।
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शुरू हुआ सियासी घमासान अब भी जारी है। इसी बीच अब 12 बागी सांसदों को अयोग्य करार देने की मांग शिवसेना ने लोकसभा अध्यक्ष से की है। बताना चाहते हैं कि शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इसे लेकर आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की है।
शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर एकनाथ शिंदे गुट के 12 बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। इससे पहले एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल होने वाले 12 बागी सांसदों ने राहुल शेवाले को अपना नेता माना था। साथ ही पांच बार की लोकसभा सदस्य भावना गवली को पार्टी का मुख्य चीफ व्हीप नियुक्त किया था।
राउत ने बिरला से मुलाकात के बाद कहा कि मैंने 12 बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। वहीं इससे पहले सीएम एकनाथ शिंदे ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि उद्धव ठाकरे द्वारा नियुक्त शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को भंग किया गया है। साथ ही नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है।
उल्लेखनीय है कि शिवसेना से एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। जिसके बाद भाजपा की मदद से एकनाथ शिंदे सीएम बने हैं। अब शिंदे और उद्धव ठाकरे में पार्टी के कब्जे को लेकर लड़ाई शुरू है। हालांकि ये लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गई है।
सुप्रीम कोर्ट में बगावत से जुड़ी याचिकाओं सहित कई मामलों को लेकर सुनवाई चल रही है। उद्धव खेमे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एकनाथ शिंदे गुट के असली शिवसेना के मान्यता की याचिका पर चुनाव आयोग की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। दरअसल चुनाव आयोग ने शिंदे गुट और उद्धव गुट को शिवसेना के अधिकार के सारे दस्तावेज आठ अगस्त तक प्रस्तुत करने के लिए कहा है।