मुंबई

Maharashtra: मजदूरों की घर वापसी से रोहित पवार खुश, बेरोजगार मराठी युवा उठाएं मौके का लाभ

एनसीपी मुखिया शरद पवार (Sharad Pawar) के पोते हैं रोहित पवार (Rohit Pawar)। राज्य की कर्जत-जामखेड सीट से वे विधायक (MLA) हैं। प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के बीच उनके बयान को विपक्ष मुद्दा बना सकता है। महाराष्ट्र (Maharashtra) में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के लाखों मजदूर काम करते हैं।

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May 07, 2020
Maharashtra: मजदूरों की घर वापसी से रोहित पवार खुश, बेरोजगार मराठी युवा उठाएं मौके का लाभ

मुंबई. लॉकडाउन के चलते रोजी-रोजगार बंद है। प्रवासी मजदूरों (migrants) की घर वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रवासी मजदूरों के ट्रेन किराए को लेकर राजनीतिक घमासान भी मचा है। राज्य की सत्ताधारी महाविकास आघाडी सरकार में शामिल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) मजदूरों के ट्रेन किराए (Train Fare) को लेकर केंद्र सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं। इस बीच विधायक (MLA) रोहित पवार ने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे क्षेत्रवाद का विवाद खड़ा हो सकता है। रोहित ने एक ट्वीट किया जिसमें लिखा है कि प्रवासी मजदूर लौट रहे हैं। इससे कारखानों में काम करने के लिए कर्मचारियों की मांग बढ़ेगी। बेरोजगार मराठी युवकों को मौके का लाभ उठाना चाहिए।

रोहित पवार कोई और नहीं बल्कि एनसीपी मुखिया शरद पवार के पोते हैं। बारामती एग्रो नामक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोहित राज्य की कर्जत-जामखेड विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका यह बयान प्रवासियों को घर भेजने में जुटी सरकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए विपक्ष को मौका दे सकता है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश (UP), बिहार, झारखंड, राजस्थान(Rajsthan), छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के लाखों मजदूर काम करते हैं। डेढ़ महीने से चल रहे लॉकडाउन (lockdown) का सबसे ज्यादा खामियाजा दिहाड़ी मजदूरों को ही भुगतान पड़ा है। गौरतलब यह है कि सबसे ज्यादा मजदूर महाराष्ट्र से ही अपने गांव जा रहे हैं। ऐसे में रोहित पवार के बयान पर सियासी बवाल मच सकता है।

Published on:
07 May 2020 12:20 am
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