मुंबई

महिला डॉक्टर पर कौन बना रहा था पीएम रिपोर्ट बदलने का दबाव? बार-बार किया गया यौन शोषण, सामने आया सियासी कनेक्‍शन

Satara Doctor Death: महाराष्ट्र के एक सरकारी अस्पताल की महिला डॉक्टर की आत्महत्या ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। इस मामले में कई गहरे राज सामने आ रहे हैं। डॉक्टर के परिवार ने चौंकाने वाला दावा किया है।
2 min read
Oct 24, 2025
Feature image
खुदकुशी से पहले महिला डॉक्टर ने हथेली पर लिखा सुसाइड नोट

महाराष्ट्र के सातारा जिले के फलटण उपजिला अस्पताल में एक महिला डॉक्टर की आत्महत्या (Satara Doctor Suicide Case) ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। अब इस मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है क्योंकि मृत डॉक्टर के हाथ पर पेन से लिखी गई सुसाइड नोट मिली है, जिसमें उन्होंने एक पुलिस अधिकारी पर बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया हैं।

महिला डॉक्टर ने अपनी हथेली पर लिखा था कि पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) गोपाल बदने ने उनके साथ चार बार बलात्कार किया, जबकि प्रशांत बनकर नामक व्यक्ति ने उन्हें लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। यह भी सामने आया है कि डॉक्टर पिछले कुछ महीनों से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच चल रहे विवाद में जांच के घेरे में थ।

घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सातारा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) तुषार दोशी से रिपोर्ट मांगी और तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। फडणवीस के निर्देश पर PSI गोपाल बदने को निलंबित कर दिया गया है। सातारा एसपी तुषार दोशी ने बताया कि इस मामले में अपराध दर्ज किया जा चुका है और जांच जारी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने का दबाव, बार-बार रेप...

इस बीच, मृतक डॉक्टर के परिजनों ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर के चचेरे भाई ने कहा, “मेरी बहन ने आत्महत्या कर ली, उसने अपने परिवार को नहीं बताया। वह पिछले दो सालों से मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत थी। बीते एक साल से उनकी बहन पर न केवल पुलिस बल्कि राजनीतिक नेताओं का भी भारी दबाव था। उनकी डॉक्टर बहन को पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने, बॉडी ट्रांसफर रोकने जैसे गैरक़ानूनी कामों के लिए मजबूर किया जा रहा था। जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया, तो उन्हें प्रताड़ित और डराया-धमकाया जाने लगा।“

परिवार ने यह भी खुलासा किया कि दो महीने पहले डॉक्टर ने पुलिस को एक पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि उन पर पुलिस अधिकारी और एक सांसद के दो निजी सहायकों (PA) द्वारा राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। उस पत्र में पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल बदने और पुलिस निरीक्षक महाडिक के नाम भी शामिल थे।

परिवार का कहना है कि डॉक्टर ने न्याय के लिए कई बार अधिकारियों से मदद मांगी, लेकिन उन्हें कभी सुना नहीं गया। अब जब उन्होंने अपनी जान दे दी है, तो निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

सुसाइड नोट में क्या लिखा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला डॉक्टर ने फलटण के एक होटल में गुरुवार को आत्महत्या की। देर रात पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। कथित तौर पर महिला डॉक्टर ने खुदकुशी से पहले अपनी हथेली पर लिखा, “मेरी मौत का जिम्मेदार पुलिस निरीक्षक गोपाल बदने है। उसने मेरे साथ चार बार बलात्कार किया। पुलिसकर्मी प्रशांत बनकर ने भी मुझे चार महीने तक शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।”

डॉक्टर के हाथ पर लिखा सुसाइड नोट, पुलिस अधिकारियों के नाम और राजनीतिक दबाव के आरोपों ने इस मामले को रहस्यमयी बना दिया है। स्थानीय नागरिकों और डॉक्टरों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच की जाए और जिन लोगों ने एक महिला डॉक्टर को इस स्थिति तक पहुंचाया, उन्हें कठोरतम सजा दी जाए।

Updated on:
24 Oct 2025 05:24 pm
Published on:
24 Oct 2025 05:24 pm
Also Read
View All