पीएमसी बैंक (PMC Bank) में 6,500 करोड़ के घोटाले (scam) का अंदेशा है। बैंक के 4,355 करोड़ रुपए अकेले रियल इस्टेट डवलपर एचडीआईएल (HDIL) में डूबे हैं। मुंबई पुलिस (MUMBAI POLICE) की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और प्रवर्तन निदेशालय मामले की जांच कर रहे हैं। रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को छह महीने के दौरान बैंक से सिर्फ 50 हजार रुपए निकालने की छूट मिली है।
नागपुर. करोड़ों रुपए के घोटाले में फंसे पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के परेशान लाखों जमाकर्ताओं का मामला शनिवार को विधानसभा में उठा। शिवसेना विधायक रवींद्र वायकर ने किसी अन्य बैंक के साथ पीएमसी बैंक का विलय करने की मांग मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से की। वायकर ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने जब से पीएमसी बैंक के परिचालन पर रोक लगाई है, लाखों लोग परेशान हैं।
वायकर ने कहा कि खाताधारकों को यह चिंता सता रही है कि बैंक में जमा उनकी गाढ़ी कमाई डूब सकती है। इसी चिंता में सितंबर से लेकर अब तक पीएमसी बैंक के 19 जमाकर्ताओं की मौत हो चुकी है। इसलिए पीएमसी बैंक का विलय किसी अन्य बैंक के साथ करना चाहिए। इससे जमाकर्ताओं को राहत मिल सकती है।
पीएम को चिट्ठी
वायकर ने बताया कि पीएमसी बैंक ग्राहकों को राहत प्रदान करने के लिए वह पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी समस्या के समाधान का अनुरोध कर चुके हैं। लेकिन, अब तक पीएमसी बैंक के जमाकर्ताओं को कोई राहत नहीं मिली है। वायकर ने कहा कि जिन लोगों ने गलत किया है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। परेशानी यह है कि निर्दोष खाताधारक दूसरों की गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं।
6,500 करोड़ का घोटाला
पीएमसी बैंक में 6,500 करोड़ रुपए के घोटाले का अंदेशा है। रियल इस्टेट डेवलपर एचडीआईएल में ही बैंक के 4.355 करोड़ रुपए डूबे हैं। एचडीआईएल प्रमोटर राकेश और सारंग वधावन के साथ ही बैंक के पूर्व अध्यक्ष वरयाम सिंह और प्रबंध निदेशक सहित कई अधिकारी सलाखों के पीछे हैं। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) और प्रवर्तन निदेशालय मामले की जांच कर रहा है।