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केतन अग्रवाल मामले में नया खुलासा, दुकान का नौकर बना सरकारी गवाह, सिया-चेतन की बढ़ी मुश्किलें

Ketan Agarwal Murder Pune: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। आरोपी चेतन चौधरी के यहां काम करने वाला नीरज इस मामले में अहम कड़ी साबित हुआ है। पुलिस का कहना ​​है कि चौधरी ने पकड़े जाने से बचने के लिए अपना मोबाइल मार्केट यार्ड स्थित अपनी दुकान पर छोड़ दिया और उसकी जगह अपने नौकर का फोन साथ ले गया।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jun 25, 2026

Ketan Agarwal and Siya Goyal Lohagad Fort

केतन अग्रवाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा (Photo: X/@venom1s)

Pune Lohagad Fort Murder: पुणे के ऐतिहासिक लोहगढ़ किले पर कारोबारी केतन अग्रवाल (26) की हत्या के मामले में जांच को बड़ा और बेहद अहम मोड़ मिल गया है। पुणे ग्रामीण पुलिस की क्राइम ब्रांच को इस सनसनीखेज हत्याकांड में एक सरकारी गवाह मिल गया है। मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के दुकान में काम करने वाले नीरज कुमार ने पुलिस को अहम जानकारी दी है। उसकी गवाही अब अदालत में इस पूरे हत्याकांड की सबसे मजबूत कड़ी साबित हो सकती है।

पुलिस के अनुसार, सिया के प्रेमी चेतन चौधरी ने पकड़े जाने से बचने के लिए अपना मोबाइल मार्केट यार्ड स्थित अपनी दुकान पर छोड़ दिया था और उसकी जगह नीरज का फोन साथ ले गया। नीरज कुमार का बयान दर्ज किया जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसकी गवाही से केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के खिलाफ हत्या की साजिश का मामला और मजबूत होगा।

मोबाइल की चाल ने खोला हत्या का राज

जांच में सामने आए मोबाइल फोन के डिजिटल साक्ष्यों ने इस हत्या की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है। पुलिस के मुताबिक, 18 जून को हत्या वाले दिन चेतन चौधरी ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए बेहद शातिर योजना बनाई थी।

आरोप है कि वारदात के दिन सुबह करीब 7:15 बजे से शाम 5:30 बजे तक, लगभग 10 घंटे तक चेतन ने अपना मोबाइल फोन अपने कर्मचारी नीरज कुमार के पास छोड़ दिया था। इस दौरान उसके मोबाइल पर आने वाले सभी कॉल नीरज ने चेतन के कहने पर रिसीव किए, ताकि यह लगे कि चेतन पूरे समय पुणे स्थित अपनी दुकान पर ही मौजूद है।

वहीं, पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि चेतन खुद अपना मोबाइल साथ नहीं ले गया, बल्कि नीरज कुमार का मोबाइल लेकर लोहगढ़ किले पहुंचा था।

नीरज की गवाही से मजबूत हुआ केस

जांच के दौरान हत्या वाले दिन नीरज के मोबाइल की लोकेशन लोहगढ़ किले और उसके आसपास दर्ज हुई थी। अब नीरज ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि उस दिन उसका मोबाइल उसके पास नहीं, बल्कि चेतन चौधरी के पास था।

पुलिस का कहना है कि इस डिजिटल सबूत और नीरज की गवाही से अदालत में यह साबित करना आसान होगा कि हत्या के समय चेतन चौधरी लोहगढ़ किले पर मौजूद था और उसी ने केतन अग्रवाल को घाटी में धक्का दिया।

CCTV फुटेज से भी खुली साजिश

पुलिस को लोहगढ़ किले की तलहटी के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। फुटेज में हुडी पहनकर चल रहा चेतन चौधरी केतन अग्रवाल और सिया गोयल का पीछा करता दिखाई दिया।

जांच अधिकारी इंस्पेक्टर दिनेश तायडे के मुताबिक, फुटेज में यह भी दिखाई दिया है कि सिया गोयल कई बार चेतन की ओर इशारा कर रही थी। पुलिस के अनुसार, चेतन ने किले की चोटी पर 10 मिनट से भी कम समय बिताया और वारदात को अंजाम देकर नीचे आ गया। सुरक्षा गार्ड ने भी पूछताछ में बताया कि चेतन ने अंदर जाते समय कसरत का बहाना बताया था।

सुनसान जगह को चुना, पहले की रेकी

पुलिस का कहना है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या के लिए जानबूझकर लोहगढ़ किले के उस हिस्से को चुना, जहां सिर्फ वीकेंड पर ही लोग ज्यादा संख्या में आते है। सप्ताह के बीच वाले दिनों में वह हिस्सा सुनसान ही रहता है।

जांच एजेंसियों को शक है कि दोनों आरोपियों ने वारदात से पहले उस इलाके की रेकी भी की थी। इस पहलू पर दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है।

सिया के बदलते बयानों से बढ़ा शक

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सिया गोयल के लगातार बदलते बयानों ने ही संदेह पैदा किया था। पहले उसने दावा किया कि केतन फोटो खिंचवाते समय फिसलकर गिर गया। बाद में उसने बयान बदलते हुए कहा कि पानी की बोतल देते समय उसका संतुलन बिगड़ गया।

हालांकि, पुलिस को सिया के मोबाइल फोन में उस दिन की एक भी तस्वीर नहीं मिली। इसी विरोधाभास ने जांच को हत्या की दिशा में मोड़ दिया और इसके बाद जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।