
Maharashtra Police Woman Death: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के कणकवली में महिला पुलिसकर्मी स्मिता माने की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। स्मिता की बहन रेश्मा ने उनके पति सचिन माने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए घरेलू हिंसा और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, सचिन अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करते थे और इसी बात को लेकर उनके साथ मारपीट करते थे। वहीं, घर में फर्श पर बड़ी संख्या में बाल मिलने और स्मिता के छोटे बेटे की ओर से कथित तौर पर दी गई जानकारी के बाद मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
महाराष्ट्रा टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कणकवली पुलिस थाने में हवलदार के पद पर तैनात स्मिता माने का शव रविवार, 11 अक्टूबर को कणकवली के बिडवाड़ी-हुम्बरने इलाके में गांगेश्वर मंदिर के पीछे मिला था। वह 9 अक्टूबर से कलमठ स्थित अपने घर से लापता थीं। स्मिता और उनके पति सचिन माने दोनों ही कणकवली पुलिस थाने में कार्यरत थे। शव मिलने के बाद उनकी मौत को लेकर कई सवाल उठने लगे थे।
वहीं, स्मिता की बहन रेश्मा रविंद्र जाधव ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि सचिन माने अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करते थे और इसी वजह से उनके साथ मारपीट की जाती थी। शिकायत के अनुसार, 8 अक्टूबर की रात करीब साढ़े नौ बजे सचिन ने रेश्मा को फोन किया था। रेश्मा का दावा है कि इस बातचीत के दौरान सचिन ने बताया था कि उनका स्मिता के साथ झगड़ा हुआ और उन्होंने स्मिता को पीटा था। पुलिस जांच में इस फोन कॉल की अहम भूमिका हो सकती है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 9 अक्टूबर की सुबह सचिन ने दोबारा रेश्मा को फोन किया और बताया कि स्मिता सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच घर से निकल गई थीं। इसके बाद रेश्मा अपने पिता के साथ स्मिता और सचिन के कलमठ स्थित घर पहुंचीं। वहां फर्श पर बड़ी संख्या में बाल बिखरे देखकर उन्हें संदेह हुआ कि स्मिता के साथ पिछली रात मारपीट हुई होगी। रेश्मा ने आशंका जताई कि मारपीट के बाद ही स्मिता घर से निकली होंगी। हालांकि, घर में मिले बाल किसके थे और उनका घटना से कोई संबंध है या नहीं, यह जांच का विषय है।
रेश्मा अपने साथ स्मिता के छोटे बेटे को भी घर ले गई थीं। शिकायत में दावा किया गया है कि बच्चे ने बताया कि रात में उसकी मां को बेल्ट से पीटा गया था और वह बाथरूम में गिर गई थीं। इस कथित बयान के बाद मामले में घरेलू हिंसा के आरोपों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, बच्चे के बयान और शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
स्मिता माने की मौत के मामले की जांच सिंधुदुर्ग के पुलिस अधीक्षक मोहन दहीकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नयोमी साटम के मार्गदर्शन में की जा रही है। जांच की जिम्मेदारी कुडाल पुलिस थाने के विकास बडवे को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि स्मिता माने की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।