मुंबई-नासिक महामार्ग (highway) पर भिवंडी (Bhiwandi) में स्थित माणकोली नाका (Mankoli Naka) पर फ्लाइओवर (fjyover) बनाने का काम आठ से चल रहा है। पुराने ठेकेदार (Contractor) की लापरवाही के चलते फ्लाइओवर का काम समय पर पूरा नहीं हो पया। चार महीने पहलेे नियुक्त किए गए नए ठेकेदार (new contractor) ने फ्लाइओवर के लिए लोहे के छह गार्डर चढ़ाने में सफल रही है।
भिवंडी. नासिक महामार्ग पर निर्माणाधीन (underconstruction) माणकोली उड़ान पुल (Mankoli Flyover) पर 50 मीटर लंबे लोहे के गार्डर डालने का काम पूरा होने के कारण जल्द ही यह उड़ान पुल यातायात (traffic) के लिए खोल दिया जाएगा। पुल चालू होने के बाद इस मार्ग पर हमेशा यातायात जाम की समस्या से लोगों को निजात मिल जाएगी। अभी तक इस पुल पर केवल एक मार्गीय यातायात (one way traffic) की ही व्यवस्था है।
विदित हो कि जन प्रतिनिधियों सहित आम लोगों की बार-बार मांग पर राज्य सरकार ने एमएमआरडीए (MMRDA) के माध्यम से मुंबई-नासिक महामार्ग स्थित माणकोली नाका और राजणोली नाका (Rajnoli Naka) पर उड़ान पुल का निर्माण कराने का काम पिछले आठ वर्षों से शुरू किया था। लेकिन, उड़ान पुल के ठेकेदारों की लापरवाही (negligence) के चलते पुल के काम में देरी हो हो रही थी।
पुराने ठेकेदार को हटा कर नए कांट्रैक्टर को दिया काम
एमएमआरडीए ने चार महीने पूर्व इस कार्य के ठेकेदार को बदल दिया। यह ठेका आरपीएस इन्फ्रा प्रोजेक्ट (RPS Infra) को दिया गया। सलाहकार के रूप में टेक्नोजेम कन्सल्टेंंट की नियुक्ति की गई थी। इसके बाद नई ठेका कंपनी ने दो माह में ही कुल 6 लोहे के गार्डर पुल पर चढ़ाने में सफल रही है। उम्मीद है को दो-ढाई महीने में पुल आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।