मुंबई

मराठा आरक्षण की आग फिर सुलगने को तैयार: मनोज जरांगे पाटिल का बड़ा एलान, 30 मई से दोबारा शुरू करेंगे आमरण अनशन

Manoj Jarange Patil: मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ दोबारा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने 30 मई से जालना के अंतरवाली सराटी में आमरण अनशन करने का एलान किया है। जरांगे ने डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस पर कुणबी प्रमाण पत्र रोकने का सीधा आरोप लगाया है।
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May 16, 2026
Maratha reservation
मराठा आरक्षण की आग फिर सुलगने को तैयार ( PHOTO IANS )

Maratha Reservation: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मराठा आंदोलन के प्रमुख चेहरा मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार के खिलाफ एक बार फिर मैदान में उतरने का एलान कर दिया है। जालना जिले के अंतरवाली सराटी में आयोजित एक बड़ी बैठक के दौरान जरांगे पाटिल ने घोषणा की कि वे आगामी 30 मई 2026 से दोबारा आमरण अनशन (भूख हड़ताल) शुरू करेंगे। मनोज जरांगे ने आरोप लगाया कि आठ महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने 'सातारा गजट' लागू करने का अपना वादा पूरा नहीं किया है।

'देवेंद्र फडणवीस ने रोके कुणबी प्रमाण पत्र'

आंदोलन की अगली दिशा तय करने के लिए बुलाई गई इस बैठक में भारी भीड़ उमड़ी। सभा को संबोधित करते हुए मनोज जरांगे ने सीधे उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'मैं देवेंद्र फडणवीस का निजी विरोधी नहीं हूं, लेकिन जो सच है वो मैं बोलूंगा ही। गरीब मराठा समाज बहुत समझदार है। फडणवीस ने ही मराठा समाज को कुणबी प्रमाण पत्र दिए जाने की प्रक्रिया को रोक रखा है। आखिर सरकार को मराठा समाज से इतनी नफरत क्यों है? वे मराठा बच्चों को आगे बढ़ते हुए क्यों नहीं देखना चाहते?'

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आंदोलन की तारीख (30 मई) से पहले प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए, तो सरकार की 'छुट्टी' तय है। उन्होंने मांग की कि 1994 के जीआर (सरकारी संकल्प) की तर्ज पर ही सातारा और कोल्हापुर संस्थान का जीआर निकाला जाए।

'नेताओं के चक्कर में बच्चों का भविष्य बर्बाद'

मनोज जरांगे ने मराठा समाज से किसी भी राजनीतिक दल के बहकावे में न आने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर आप राजनीतिक पार्टियों के चक्कर में पड़े रहे, तो अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद कर बैठेंगे। मुझे खुशी है कि अब मराठा समाज बदल गया है और वह राजनीति से ऊपर उठकर अपनी हस्ती की लड़ाई लड़ रहा है।'

करोड़ों रुपये की साजिश का लगाया आरोप

सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए जरांगे पाटिल ने दावा किया कि उन्हें बदनाम करने और आंदोलन को दबाने के लिए बड़ी साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, 'एक मंत्री ने एक संगठन को ₹2 करोड़ देने का फैसला किया है ताकि वे मेरे खिलाफ बोल सकें। लेकिन जिन लोगों को ये पैसे दिए जाने थे, वे खुद मेरे पास आ गए और उन्होंने मुझे सब सच बता दिया। सरकार चाहे जितने पासे फेंक ले, मैं अपने समाज के साथ कभी बेईमानी नहीं करूंगा और आखिरी सांस तक लड़ता रहूंगा।'

मनोज जरांगे के इस आक्रामक रुख और 30 मई से होने वाले अनशन के एलान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी भूचाल आना तय माना जा रहा है।

Updated on:
16 May 2026 02:10 pm
Published on:
16 May 2026 02:10 pm