
Agniveer Akshay Gawate Martyr: सियाचिन ग्लेशियर में डयूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले महाराष्ट्र के अग्निवीर अक्षय गवते पंचतत्व में विलीन हो गए। अक्षय गवते पहले अग्निवीर हैं जिन्होंने ऑपरेशन में अपनी जान दी है। उन्हें दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर में तैनात किया गया था। जहां ड्यूटी के दौरान शनिवार को उनका निधन हो गया।
सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
बुलढाणा ज़िले के पिंपलगाव सराय गांव में अग्निवीर गवते अक्षय लक्ष्मण के घर पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी। दोपहर में महाराष्ट्र के वीर सपूत की अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव से शुरू हुई। अक्षय गवते की शहादत को सलाम करने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। परिवार के साथ-साथ अधिकारियों ने भी पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। बाद में सैन्य रीति-रिवाज के साथ अक्षय गवते का अंतिम संस्कार किया गया। यह भी पढ़े-Nashik: नम आंखों से दी गई अग्निवीर हर्षल ठाकरे को अंतिम विदाई, हीट स्ट्रोक से गई थी जान
पिता बोले- बचपन से ही सैनिक बनना चाहता था
इससे पहले पत्रकारों से बात करते हुए शहीद अग्निवीर अक्षय गवते के पिता लक्ष्मण गवते ने कहा कि '...मेरा बेटा बहुत होशियार था.. बचपन से ही सैनिक बनना चाहता था... उसने बीकॉम की डिग्री हासिल की थी... वह आर्मी में शामिल होना चाहता था... मेरी उससे आखिरी बार 20 अक्टूबर को बात हुई थी... तब उसने मेरी तबीयत के बारे में पूछा था...परिवार के सदस्यों का हालचाल जाना था...।'
सेना ने दी श्रद्धांजलि
भारतीय सेना ने डयूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले अग्निवीर अक्षय गवते को श्रद्धांजलि अर्पित की। गवते ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। सेना की लेह स्थित ‘फायर एंड फ्यूरी कोर’ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ ‘फायर एंड फ्यूरी कोर’ के सभी अधिकारी सियाचिन की दुर्गम ऊंचाइयों पर ड्यूटी के दौरान अग्निवीर (ऑपरेटर) गवते अक्षय लक्ष्मण के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करते हैं और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।’’
परिवार को मिलेगी 1 करोड़ से ज्यादा रकम
शहीद अग्निवीर के परिजनों को गैर-अंशदायी बीमा के रूप में 48 लाख रुपये के साथ-साथ 44 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा, परिजनों को सेवा निधि से भी रकम मिलेगी। जिसमें अग्निवीर के योगदान (30 प्रतिशत) और सरकार द्वारा समान योगदान और उस पर ब्याज की राशि दी जाएगी। इसके अलावा परिजनों को शहादत की तारीख से बची हुई ड्यूटी तक की पूरी सैलरी मिलेगी। अग्निवीर अक्षय गवते के मामले में यह राशि 13 लाख रुपए से अधिक है। साथ ही प्राणों की आहुति देने वाले गवते के परिवार को ‘सशस्त्र बल युद्ध हताहत कोष’ से भी आठ लाख रुपये की राशि दी जाएगी।