Mhada Home News: म्हाडा के इस कदम से आम लोगों के लिए घर खरीदना और आसान हो जाएगा। यह फैसला उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो लंबे समय से किफायती घरों की तलाश में हैं।
Mhada House Lottery: मुंबई में घर खरीदने का सपना देखने वाले आम लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। म्हाडा यानी महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) जल्द ही अपने घरों की कीमतों को लेकर अहम फैसला ले सकता है। अक्सर शिकायतें सामने आती रही हैं कि किफायती घर बनाने का दावा करने वाली म्हाडा के घर भी महंगे पड़ते हैं, जिससे आम लोगों का अपना घर खरीदने का सपना अधूरा रह जाता है।
जानकारी के मुताबिक, म्हाडा घरों की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला लेने वाली है। इस दिशा में म्हाडा गंभीरता से विचार कर रही है। इसी कड़ी में म्हाडा ने उप-मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित तीन सदस्यों की एक समिति बनाई थी। इस समिति ने यह पता लगाया है कि घर की कीमतों में कई ऐसे अतिरिक्त खर्च शामिल किए जाते हैं, जिनकी वजह से दाम 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ जाता हैं। इनमें प्रशासनिक खर्च, निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतें, जमीन पर लिया गया कर्ज और निर्माण शुल्क जैसी बातें शामिल थीं।
बताया जा रहा है कि इस समिति ने सुझाव दिया है कि रेडी रेकनर दर (RRR) के अलावा सिर्फ जरूरी खर्च ही कीमतों में जोड़े जाएं। अगर ऐसा होता है, तो म्हाडा के घरों की कीमतों में 8 से 10 प्रतिशत तक की कटौती संभव है। समिति का अंतिम रिपोर्ट एक हफ्ते के भीतर म्हाडा प्राधिकरण को सौंपी जाएगी।
अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो घर खरीदना आम लोगों की पहुंच में और आसान हो जाएगा। लंबे समय से जिन परिवारों को कीमतें देखकर निराशा होती थी, उन्हें अब सुकून की सांस मिल सकती है। म्हाडा का यह कदम खासकर मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में किफायती घर के सपने को हकीकत बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
गौरतलब हो कि अगस्त 2024 में महाराष्ट्र सरकार ने मुंबईवासियों को बड़ी राहत दी थी। तब उपमुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि म्हाडा की मुंबई लॉटरी में घोषित घरों की कीमत की लागत घटाने का फैसला किया गया है। नई दरों के अनुसार, अति निम्न आय वर्ग (EWS) के लिए घरों की कीमत में 25 प्रतिशत तक की कटौती होगी। वहीं, निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए 20 प्रतिशत, मध्यम आय वर्ग (MIG) के लिए 15 प्रतिशत और उच्च आय वर्ग (HIG) के लिए 10 प्रतिशत की राहत दी गई।