
- रोहित के. तिवारी
मुंबई. महाराष्ट्र गृहनिर्माण एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) के अंतर्गत आने वाले रिपेयर बोर्ड प्राइम मिनिस्टर्स ग्रांट प्रोग्राम (पीएमजीपी) के तहत मुंबई में जर्जर हो चुकी इमारतों के पुनर्विकास की तैयारी में जुटा है। इसके तहत मुंबई में कुल 66 इमारतें हैं, जिनमें से 6 के रिडेवलपमेंट को सरकार ने मंजूरी दे दी है। महामुंबई के उमरखाड़ी, कमाठीपुरा, धारावी, भायखला, करी रोड, पिंपलेश्वर समेत कई इलाकों में स्थित म्हाडा की इमारतों को राज्य सरकार की ओर से पीएमजीपी के तहत 6 इमारतों के पुनर्विकास को मंजूरी मिल गई है। वहीं म्हाडा विकास कार्य को ध्यान में रखते हुए दिन-प्रतिदिन विभिन्न तरह की योजनाओं को लागू करने में लगी है, ताकि समय रहते महामुंबई में घरों के निर्माण कार्यों को गति दी जा सके।
डिज़ाइन और आर्किटेक्ट का काम पूरा...
वहीं म्हाडा रिपेयरबोर्ड के अध्यक्ष विनोद घोसालकर की मानें पीएमजीपी के तहत आने वाली 66 इमारतों में से 63 इमारतों के डिज़ाइन और आर्किटेक्ट का काम पूरा हो चुका है। ये इमारतें 30-40 मंजिला बनेंगी, जिनके निर्माण के लिए सोसायटियों से बातचीत चल रही है। सोसायटियों की सहमति मिलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
म्हाडा को मिलेंगे 3481 अतिरिक्त घर...
उल्लेखनीय है कि पीएमीपी की इमारतों में सबसे पहले भायखला की ब्रह्मा विष्णू महेश, प्रभाकर चाल, अंधार चाल माझगांव, उमरखाड़ी, समता परिश्रम कांदीवली और पिंपलेश्वर करी रोड के लिए रिपेयर बोर्ड ने बजट की व्यवस्था भी कर ली है। वहीं इन इमारतों के निर्माण के बाद म्हाडा को 3 हजार 481 अतिरिक्त घर मिलेंगे।
रहिवासियों की सहूलियत के रखा जाएगा ध्यान...
पीएमजीपी पुनर्विकास के बाद मिलने वाले घरों का उपयोग हम म्हाडा के ट्रांजिट निवासियों के लिए कर सकते हैं। अभी हमारे पास ट्रांजिट के लिए आवास की संख्या बहुत कम है। आगामी समय में रिडेवलपमेंट के जरिए ही हमें घर उपलब्ध हो सकेगा। वहीं रहिवासियों को होने वाली परेशानियों का भी ध्यान रखा जाएगा, ताकि म्हाडा की ओर से विभिन्न तरह से सहूलियतें प्रदान की जा सकें।
- विनोद घोसालकर, प्रेसिडेंट, रिपेयर बोर्ड म्हाडा